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Aero India Show: बंगलूरू में आज से 'एयरो इंडिया शो' की शुरुआत, दुनिया देखेगी भारत की ताकत
Wed, 03 Feb 2021 03:24 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 03 Feb 2021 03:24 AM IST
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एयरो इंडिया शो की तैयारी के दौरान हवा में कलाबाजी दिखाता एक विमान।
- फोटो : PTI
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बंगलूरू में आज से एशिया के सबसे बड़े एयरो-शो 'एयरो इंडिया' की शुरुआत होने जा रही है। एयरो शो के जरिए भारत दुनिया को अपनी ताकत भी दिखाएगा। इसमें अमेरिकी विमान बी-1 लांसर भी शामिल होगा। भारत में अमेरिकी मामलों को देख रहे डॉन हेफलिन ने बताया कि इस साल हवाई प्रदर्शन में हमारे अहम विमान बी-1 लांसर को प्रदर्शित किया जाएगा। पहली बार अमेरिका ने एयरो इंडिया में हिस्सा लिया है।
एयरो इंडिया शो के उद्घाटन के बाद वायुसेना और एचएएल के बीच 83 अतिरिक्त एलसीए तेजस मार्क-1ए एयरक्राफ्ट्स का करार होगा। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सीसीएस कमेटी ने इस करार को मंजूरी दी थी।
मेगा कॉन्ट्रैक्ट पर बंगलूरू के एयरो इंडिया एयर शो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस शक्तिशाली विमानों के लिए हुई डील में 73 एमके-1 लड़ाकू विमान और 10 एलसीए एमके-1 ट्रेनर विमान शामिल हैं। बता दें कि भारतीय वायु सेना पहले 40 लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट की डील कर चुका है। इसी के साथ भारतीय वायु सेना के लिए कुल 123 तेजस विमानों की डील हुई है।
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वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकता। सिंह ने बंगलूरू में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की दूसरी एलसीए-तेजस निर्माण सुविधा का उद्घाटन किया। माना जा रहा है कि अगले 36 महीनों में एचएएल पहला एलसीए-मार्क वने वायुसेना को सौंप देगी। सभी 83 विमानों को साल 2028-29 तक वायुसेना को सौंपने की योजना है।
रक्षा मंत्री करेंगे उद्घाटन
आज सुबह साढ़े नौ बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एयरो-स्पेस और डिफेंस प्रदर्शनी एयरोइंडिया 2021 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद फ्लाइंग-डिस्पले होगा, जिसमें भारत के स्वदेशी एयरक्राफ्ट्स और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे।
आज शुरू हो रहे एशिया के सबसे बड़े एयरो-शो 'एयरो इंडिया' में खास 'आत्मनिर्भर फॉरमेशन फ्लाइट' देखने को मिलेगी। इस एयरो-शो में भारत अपने स्वदेशी हथियार, फाइटर जेट्स और मिसाइलों को दुनिया को दिखाने वाला है। साथ ही दुनियाभर की बड़ी एयरो-स्पेस कंपनियां भी भारत के साथ मिलकर भारत में ही अपने हथियारों का उत्पादन करने के लिए पहुंच रही हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 13वें एयरो इंडिया शो के लिए अबतक देश-विदेश की कुल 600 कंपनियां तीन दिनों तक (3-5 फरवरी) बंगलूरू में होने वाली प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुकी हैं। इनमें 14 देशों की 78 विदेशी कंपनियां शामिल हैं। कोविड-प्रोटोकॉल के चलते इस बार एयरो-शो में आम लोगों को आने की इजाजत नहीं होगी। इसे वर्चुअल देखने के लिए रक्षा मंत्रालय ने खास इंतजाम किया है।
हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएल) की तरफ से इस बार स्वदेशी एयरक्राफ्ट्स और हेलीकॉप्टर्स नजर आएंगे। एचएएल के मुताबिक, 'आत्मनिर्भर फ्लाइट फॉरमेशन' के तहत एलसीए-ट्रेनर (लिफ्ट-ट्रेनर), एचटीटी-40, आईजेटी, एडवांस हॉक एमके-132 और सिविल डोरनियर (डो-228) के ट्रेनर एयरक्राफ्ट्स एक खास फॉरमेशन में उड़ान भरेंगे। इसके अलावा स्वदेशी लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (एलसीए)-तेजस, लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर (एलसीएच), एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर-ध्रुव, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच), एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट इस साल एयरो-शो के दौरान उड़ान भरेंगे। रूस की मदद से भारत में ही तैयार किए जा रहे सुखोई लड़ाकू विमान भी आसमान में उड़ान भरेंगे।
वायु अंतरिक्ष रणनीति पर चर्चा के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
इसके अलावा भारतीय वायुसेना की ओर से ‘वायु अंतरिक्ष शक्ति रणनीति तथा तकनीकी विकास’ से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए बंगलूरू में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के प्रमुख हिस्सा लेंगे।
बंगलूरू स्थित येलाहंका वायुसेना स्टेशन पर तीन फरवरी को सम्मेलन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। मंत्रालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि इस सम्मेलन में 75 देशों के शामिल होने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए सम्मेलन के आयोजन में डिजिटल माध्यम का प्रमुखता से सहारा लिया जाएगा।
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एयरो इंडिया शो के उद्घाटन के बाद वायुसेना और एचएएल के बीच 83 अतिरिक्त एलसीए तेजस मार्क-1ए एयरक्राफ्ट्स का करार होगा। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सीसीएस कमेटी ने इस करार को मंजूरी दी थी।
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मेगा कॉन्ट्रैक्ट पर बंगलूरू के एयरो इंडिया एयर शो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस शक्तिशाली विमानों के लिए हुई डील में 73 एमके-1 लड़ाकू विमान और 10 एलसीए एमके-1 ट्रेनर विमान शामिल हैं। बता दें कि भारतीय वायु सेना पहले 40 लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट की डील कर चुका है। इसी के साथ भारतीय वायु सेना के लिए कुल 123 तेजस विमानों की डील हुई है।
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वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकता। सिंह ने बंगलूरू में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की दूसरी एलसीए-तेजस निर्माण सुविधा का उद्घाटन किया। माना जा रहा है कि अगले 36 महीनों में एचएएल पहला एलसीए-मार्क वने वायुसेना को सौंप देगी। सभी 83 विमानों को साल 2028-29 तक वायुसेना को सौंपने की योजना है।
रक्षा मंत्री करेंगे उद्घाटन
आज सुबह साढ़े नौ बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एयरो-स्पेस और डिफेंस प्रदर्शनी एयरोइंडिया 2021 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद फ्लाइंग-डिस्पले होगा, जिसमें भारत के स्वदेशी एयरक्राफ्ट्स और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे।
आज शुरू हो रहे एशिया के सबसे बड़े एयरो-शो 'एयरो इंडिया' में खास 'आत्मनिर्भर फॉरमेशन फ्लाइट' देखने को मिलेगी। इस एयरो-शो में भारत अपने स्वदेशी हथियार, फाइटर जेट्स और मिसाइलों को दुनिया को दिखाने वाला है। साथ ही दुनियाभर की बड़ी एयरो-स्पेस कंपनियां भी भारत के साथ मिलकर भारत में ही अपने हथियारों का उत्पादन करने के लिए पहुंच रही हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 13वें एयरो इंडिया शो के लिए अबतक देश-विदेश की कुल 600 कंपनियां तीन दिनों तक (3-5 फरवरी) बंगलूरू में होने वाली प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुकी हैं। इनमें 14 देशों की 78 विदेशी कंपनियां शामिल हैं। कोविड-प्रोटोकॉल के चलते इस बार एयरो-शो में आम लोगों को आने की इजाजत नहीं होगी। इसे वर्चुअल देखने के लिए रक्षा मंत्रालय ने खास इंतजाम किया है।
हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएल) की तरफ से इस बार स्वदेशी एयरक्राफ्ट्स और हेलीकॉप्टर्स नजर आएंगे। एचएएल के मुताबिक, 'आत्मनिर्भर फ्लाइट फॉरमेशन' के तहत एलसीए-ट्रेनर (लिफ्ट-ट्रेनर), एचटीटी-40, आईजेटी, एडवांस हॉक एमके-132 और सिविल डोरनियर (डो-228) के ट्रेनर एयरक्राफ्ट्स एक खास फॉरमेशन में उड़ान भरेंगे। इसके अलावा स्वदेशी लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (एलसीए)-तेजस, लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर (एलसीएच), एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर-ध्रुव, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच), एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट इस साल एयरो-शो के दौरान उड़ान भरेंगे। रूस की मदद से भारत में ही तैयार किए जा रहे सुखोई लड़ाकू विमान भी आसमान में उड़ान भरेंगे।
वायु अंतरिक्ष रणनीति पर चर्चा के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
इसके अलावा भारतीय वायुसेना की ओर से ‘वायु अंतरिक्ष शक्ति रणनीति तथा तकनीकी विकास’ से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए बंगलूरू में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के प्रमुख हिस्सा लेंगे।
बंगलूरू स्थित येलाहंका वायुसेना स्टेशन पर तीन फरवरी को सम्मेलन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। मंत्रालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि इस सम्मेलन में 75 देशों के शामिल होने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए सम्मेलन के आयोजन में डिजिटल माध्यम का प्रमुखता से सहारा लिया जाएगा।