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Aero India: रक्षा उत्पाद, तकनीक हस्तांतरण और सहयोग की 266 घोषणाएं, 80 हजार करोड़ की कारोबारी संभावनाएं

Thu, 16 Feb 2023 05:14 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, बेंगलुरु
एजेंसी, बेंगलुरु Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 16 Feb 2023 05:14 AM IST
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सार
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में न केवल देश ने रक्षा क्षेत्र में प्रगति की है, बल्कि अब हम रक्षा उत्पादन में विश्व के प्रमुख देशों के साथ चलने के लिए तैयार हैं। यह आत्मनिर्भर भारत के नए युग की शुरुआत है।
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Aero India 266 announcements of defense products transfer of technology and cooperation business
एयरो इंडिया शो की तैयारी के दौरान हवा में कलाबाजी दिखाता एक विमान। - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

भारत में रक्षा उत्पाद, तकनीक हस्तांतरण, सहयोग व रखरखाव को लेकर एयरो इंडिया 2023 में 266 घोषणाएं हुईं। इनमें 201 एमओयू, 53 बड़ी घोषणाएं और 9 प्रोडक्ट लॉन्च शामिल हैं। इनके जरिये करीब 80 हजार करोड़ की कारोबारी संभावनाएं देखी जा रही हैं। इसके लिए ‘बंधन’ समारोह रखा गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे।



प्रमुख एमओयू करने वाली कंपनियों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल)  व फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान हेलिकॉप्टर इंजंस शामिल हैं, जो हेलिकॉप्टर इंजन डिजाइन, विकास, उत्पादन और जीवन भर रखरखाव पर काम करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि नई घोषणाओं में तीन तकनीक हस्तांतरण समझौते भी शामिल हैं। रक्षा क्षेत्र में नए भारत को एयरो इंडिया 2023 में प्रस्तुत किया गया। पिछले कुछ वर्षों में न केवल देश ने इस क्षेत्र में प्रगति की है, बल्कि अब हम रक्षा उत्पादन में विश्व के प्रमुख देशों के साथ चलने के लिए तैयार हैं। यह आत्मनिर्भर भारत के नए युग की शुरुआत है।  


एयरो इंडिया में हुए समझौते के बारे में बीईएल के सीएमडी भानु प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी ने गोवा शिपयार्ड लि. के साथ एमओयू किया, जिसके तहत ऑटोनॉमस नौकाओं और एआई आधारित कई प्रणालियों व तकनीकों पर काम होगा। डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी कामत ने बताया कि उनका संस्थान प्रिसिशन गाइडेंस किट, विमान पायलटों के लिए सीट इजेक्शन प्रणाली, पायरोटेक्निक आधारित कई प्रकार के कारतूसों के विकास पर काम कर रहा है। तपस ड्रोन के लिए इंजन भी तैयार हो रहा है, जो अगले दो महीनों में सामने आ सकता है। 
 

समझौतों में नई पीढ़ी की मिसाइल और ड्रोन
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) पर साथ काम करेंगे। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने छोटी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल पेश की। नई पीढ़ी की यह मिसाइल जहाजों पर तैनात हो सकती है और वायु रक्षा हथियार के रूप में हर मौसम में काम करती है।

भारत डायनेमिक्स ने सेमी-एक्टिव लेजर सीकर आधारित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल पेश की। जो किसी भी हालात में कई लक्ष्य भेद सकती है। एचएएल ने रिस्पांस प्लस होल्डिंग पीजेएससी (आरपीएम) के साथ  एमओयू किया। इसमें आपदाओं के समय लोगों को बचाने, हेलिकॉप्टर आपात सेवा देने पर काम होगा।

एयरबस भारत व दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष फ्रेडरिक कॉम्ब्स ने बताया कि उनकी कंपनी सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) को बढ़ावा देने और तकनीक साझा करने पर काम कर रही है। उन्हें एसएएफ के विकास के लिए भारत सबसे अनुकूल देश लग रहा है। इससे विमानन क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।

म्यूनिशन इंडिया को भारतीय सेना के लिए 10 लाख ग्रेनेड बनाने का ऑर्डर मिला है। निर्यात के लिए भी 3 हजार करोड़ के ऑर्डर मिले। कंपनी के अध्यक्ष व एमडी रविकांत ने बताया कि यह ग्रेनेड मल्टी मोड श्रेणी के हैं।

भारतीय स्टार्टअप गरुड़ एयरोस्पेस ने सौर ऊर्जा से संचालित अपना ड्रोन ‘सूरज’ प्रदर्शित किया। इसके संस्थापक व सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने बताया कि इस ड्रोन में 3 हजार फीट ऊंचाई पर लगातार 12 घंटे उड़ान की क्षमता है। इसका उपयोग सेना के तीनों अंग और सभी अर्द्धसैनिक बल निगरानी, इंटेलिजेंस और संपर्क अभियानों में कर सकेंगे। इससे ऑपरेशन के समय हाई-कमांड को लाइव अपडेट्स मिलेंगी, जिनका उपयोग फील्ड पर मौजूद जवान कर पाएंगे।

एचएएल दुनिया के सबसे आधुनिक ड्रोन के इंजन का करेगी रखरखाव
दुनिया में सबसे आधुनिक सशस्त्र ड्रोन एमक्यू-9बी के इंजन का रखरखाव भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) करेगी। एचएएल और यह ड्रोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स इंक ने बुधवार को इस सहयोग की घोषणा की। यह ड्रोन रिमोटली पायलेटेड विमान प्रणाली (आरपीएएस) पर आधारित है। इसी ड्रोन से अलकायदा के सरगना अयमन अल-जवाहिरी को पिछले साल जुलाई में अमेरिका ने खत्म किया था। 

बंगलूरू में जारी एयरो इंडिया 2023 में दोनों कंपनियों ने मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) सेवाओं के लिए सहयोग की घोषणा की है। भारत 30 सशस्त्र एमक्यू-9बी ड्रोन खरीदने के लिए अमेरिका से बातचीत कर रहा है, जिस पर करीब 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनका उपयोग चीन से लगती सीमा और हिंद महासागर की निगरानी में होगा।

जर्मन कंपनी के साथ हेलिकॉप्टर हादसे रोकने की प्रणाली बनाएगी एचएएल
कम ऊंचाई पर उड़ते समय टावर, बिजली के तार व अन्य चीजों से भारतीय हेलिकॉप्टरों को हादसे का शिकार होने से बचाने के लिए ऑब्सटेकल अवॉइडेंस प्रणाली (ओएएस) पर एचएएल और जर्मन रक्षा उत्पाद कंपनी हेंसोल्ड्ट साथ काम करेंगी। 

इसके लिए जर्मन कंपनी एचएएल को सभी अहम तकनीकें मुहैया करवाएगी। एचएएल कोरवा में ओएएस का उत्पादन होगा। यहां के कार्यकारी निदेशक अपूर्बा रॉय ने बताया कि इस सहयोग से एचएएल को अपने हेलिकॉप्टर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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