ये थे राहुल गांधी के सलाहकार-रणनीतिकार, 72 हजार रुपये की योजना का भी प्रारूप किया था तैयार
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लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम सबके सामने हैं। एग्जिट पोल ने जिस तरह एनडीए को बढ़त दी थी, भाजपा और एनडीए को उससे कहीं ज्यादा बहुमत प्राप्त हुआ है। विपक्ष के सभी दावे निराधार साबित हो गए। जनता ने न तो विपक्ष के मोदी सरकार के खिलाफ आरोपों का तरजीह दी और न ही किसी प्रलोभन को।
इन सबके बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वायनाड लोकसभा सीट से तो रिकॉर्ड जीते लेकिन अपनी पैतृक सीट अमेठी गंवा दी। राहुल ने नरेंद्र मोदी की 'चौकीदारी' पर सवाल उठाए वहीं, 72 हजार रुपये का दावा भी उन्हें जनता का आकर्षण नहीं दिला पाया। चुनाव की तैयारियों और प्रचार को लेकर राहुल ने सलाहकारों और रणनीतिकारों की टीम बनाई थी। आपको बताते हैं कि इस टीम में कौन था और किसने क्या भूमिका निभाई।
पी.चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री कांग्रेस के घोषणा पत्र कमेटी के चेयरमैन थे। इस काम में उनकी मदद राजीव गौड़ा ने की। गरीबों को 72 हजार साल की योजना का प्रारूप चिदंबरम ने ही तैयार किया था।
आनंद शर्मा
कांग्रेस के प्रचार टीम के चेयरमैन थे। पवन खेड़ा भी इस टीम में अहम भूमिका निभा रहे थे। पार्टी ने आकर्षक और अच्छे प्रचार तैयार किए लेकिन प्रचार अभियान की शुरूआत पहले चरण के मतदान से ठीक से हुई।
प्रवीन चक्रवर्ती
पार्टी के लिए आंकड़े जुटाने में अहम भूमिका निभाई। आंकड़ों की मदद से पार्टी क्या रणनीति अपनाए इसकी जानकारी मुहैया कराई।
इनके अलावा राहुल गांधी की कोर टीम में रणनीतिकार और अहम फैसलों में भूमिका निभाने वालों में अहमद पटेल, अशोक गहलोत, केसी वेणुगोपाल, गुलामनबी आाजाद, सैम पित्रोदा, रणदीप सुरजेवाला शामिल रहे।