चिकित्सा पर्यटन: रंग ला रही एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया पहल, 45 देशों का भारत के 267 अस्पतालों से समझौता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने बताया कि विदेशी नागरिकों को भारत में चिकित्सा सेवाएं दिलाने के लिए सरकार ने डिजिटल मंच शुरू किया है, जहां 352 अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध है।
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चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया की पहल अब रंग लाने लगी है। अभी तक 45 देशों ने देश के 267 अस्पतालों के साथ समझौता किया है, ताकि उनके नागरिक भारत आकर इलाज करा सकें। इनमें करीब 18 से ज्यादा देशों ने पहली बार समझौता किया है, जिनमें यूरोप के देश भी शामिल हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने बताया कि विदेशी नागरिकों को भारत में चिकित्सा सेवाएं दिलाने के लिए सरकार ने डिजिटल मंच शुरू किया है, जहां 352 अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध है। इनके अलावा इसी मंच के जरिये कोई भी देश अपने यहां चिकित्सा सेवा के लिए भारतीय डॉक्टर या फिर नर्स को अवसर दे सकता है। वहीं मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया पहल के तहत जी-20 और डब्ल्यूएचओ के वैश्विक शिखर सम्मेलन में आए 26 अन्य देशों ने मैक्स, अपोलो, फोर्टिस, यशोदा जैसे देश के चर्चित 265 अस्पतालों के साथ करार किया है। पीएम मोदी ने अप्रैल में वन अर्थ वन हेल्थ-एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया पहल शुरू करने की घोषणा की थी।
60% तक घटी विदेशी मरीजों की संख्या
एक अधिकारी ने उदाहरण देते हुए बताया कि अपने मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए घाना और मैक्स हेल्थकेयर के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए घाना के नागरिकों को भारत में आने की अनुमति होगी। आंकड़े बताते हैं कि कोरोना महामारी से पहले 2019 तक देश में हर साल आठ से नौ लाख विदेशी नागरिक उपचार कराने के लिए आ रहे थे लेकिन 2020 से 2022 के बीच इनकी संख्या में 50 से 60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। भारत के चिकित्सा पर्यटन को इससे बाहर निकालने और पहले से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पहल की है।
हर माह 50 भारतीय नर्सों को जर्मनी में रोजगार
योजना के तहत जर्मनी ने भारतीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपने यहां ले जाने का फैसला लिया है। सोमवार को इंडो-यूरो सिंक्रोनाइजेशन (आईईएस) ने नई दिल्ली में 'अपस्किलिंग सर्टिफिकेशन लिंक्ड टू नर्सिंग एम्प्लॉयमेंट इन जर्मनी' की घोषणा की। कैल्मोरोई जर्मनी के ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशन के प्रमुख लुकास रोगे ने बताया कि जर्मनी में 18 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के िलए प्रशिक्षित 50 नर्सों को हर महीने जर्मनी में रोजगार दिया जाएगा।