फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Advani greets the people and media after Government of India announces Bharat Ratna

LK Advani: भारत रत्न दिए जाने के एलान के बाद पहली बार नजर आए आडवाणी, हाथ जोड़कर जताया आभार

Sat, 03 Feb 2024 02:14 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 03 Feb 2024 02:14 PM IST
सार

LK Advani: भाजपा के संस्थापक चेहरों में से एक लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का एलान किया गया है। खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में कहा कि भारत के विकास में उनका योगदान स्मरणीय है।

विज्ञापन
Advani greets the people and media after Government of India announces Bharat Ratna
लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : ANI

विस्तार

भारत सरकार की ओर से भारत रत्न सम्मान के एलान के बाद पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी पहली बार नजर आए हैं। उन्होंने अपने घर से हाथ हिलाकर लोगों और मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया है। उनके साथ उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी भी नजर आ रही हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी ने भारत रत्न सम्मान के बाद उनका मुंह मीठा किया और उन्हें गले लगाकर बधाई दी।

विज्ञापन

#WATCH | Delhi | Government of India announces Bharat Ratna for veteran BJP leader Lal Krishna Advani.

विज्ञापन


Visuals from his residence as he greets the people and media here. pic.twitter.com/C0NLemHsZ2

— ANI (@ANI) February 3, 2024
भाजपा के संस्थापक चेहरों में से एक लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का एलान किया गया है। खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में कहा कि भारत के विकास में उनका योगदान स्मरणीय है। उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर देश के उप-प्रधानमंत्री के तौर पर काम करते हुए चला।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटी प्रतिभा बोलीं- सम्मान की बात सुन दादा बहुत खुश

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी ने अपने पिता को भारत रत्न दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। प्रतिभा आडवाणी ने कहा, "पूरा परिवार और मैं बहुत खुश हैं कि उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया है। इस मौके पर मुझे मेरी मां की याद आ रही है। उनका दादा (आडवाणी जी) के सार्वजनिक और निजी जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है। सम्मान की बात जानकर दादा बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। वह प्रधानमंत्री के साथ-साथ देश के लोगों को धन्यवाद देते हैं कि उन्हें जीवन के इस मुकाम पर यह सम्मान दिया जा रहा है।" प्रतिभा आडवाणी ने कहा, "वह बहुत अभिभूत हैं। वह कम बोलने वाले व्यक्ति हैं। लेकिन उसकी आंखों में आंसू थे। उन्हें इस बात की खुशी और संतोष है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। इसलिए, हम बहुत खुश हैं।"

बेटे जयंत आडवाणी ने भी दी प्रतिक्रिया

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बेटे जयंत आडवाणी ने भी अपने पिता को भारत रत्न दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "... यह परिवार और देश के सभी के लिए बहुत खुशी की बात है।" राम मंदिर आंदोलन और प्राणप्रतिष्ठा में भाजपा नेता की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''... आज, मंदिर हमारे सामने है और यह उनके जीवनकाल में संभव हो गया। इसलिए, हम बहुत खुश हैं।"

कौन हैं लालकृष्ण आडवाणी?

भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के सातवें उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और मां का नाम ज्ञानी देवी है। उनके पिता पेशे से एक उद्यमी थे। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से ग्रहण की थी। इसके बाद वह हैदराबाद, सिंध के डीजी नेशनल स्कूल में दाखिला लिया। विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर मुंबई आकर बस गया। यहां उन्होंने लॉ कॉलेज ऑफ द बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। उनकी पत्नी का नाम कमला आडवाणी है। उनके बेटे का नाम जयंत आडवाणी और बेटी का नाम प्रतिभा आडवाणी है।

सबसे अधिक समय तक भाजपा अध्यक्ष रहे आडवाणी?

आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। कई वर्षों तक आडवाणी राजस्थान में आरएसएस प्रचारक के काम में लगे रहे। वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी थी। 1980 से 1990 के बीच आडवाणी ने भाजपा को एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनाने के लिए काम किया। लालकृष्ण आडवाणी तीन बार (1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। 1984 में महज दो सीटें हासिल करने वाली पार्टी को अगले लोकसभा चुनावों में 86 सीटें मिलीं। पार्टी की स्थिति 1992 में 121 सीटों और 1996 में 161 पर पहुंच गई। आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर थी और भाजपा सबसे अधिक संख्या वाली पार्टी बनकर उभरी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed