LK Advani: भारत रत्न दिए जाने के एलान के बाद पहली बार नजर आए आडवाणी, हाथ जोड़कर जताया आभार
LK Advani: भाजपा के संस्थापक चेहरों में से एक लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का एलान किया गया है। खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में कहा कि भारत के विकास में उनका योगदान स्मरणीय है।
विस्तार
भारत सरकार की ओर से भारत रत्न सम्मान के एलान के बाद पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी पहली बार नजर आए हैं। उन्होंने अपने घर से हाथ हिलाकर लोगों और मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया है। उनके साथ उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी भी नजर आ रही हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी ने भारत रत्न सम्मान के बाद उनका मुंह मीठा किया और उन्हें गले लगाकर बधाई दी।
भाजपा के संस्थापक चेहरों में से एक लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का एलान किया गया है। खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में कहा कि भारत के विकास में उनका योगदान स्मरणीय है। उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर देश के उप-प्रधानमंत्री के तौर पर काम करते हुए चला।#WATCH | Delhi | Government of India announces Bharat Ratna for veteran BJP leader Lal Krishna Advani.
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Visuals from his residence as he greets the people and media here. pic.twitter.com/C0NLemHsZ2 — ANI (@ANI) February 3, 2024
#WATCH | Daughter of veteran BJP leader LK Advani, Pratibha Advani shares sweets with him and hugs him.
Government of India announced Bharat Ratna for the veteran BJP leader. pic.twitter.com/zdYrGumkAq — ANI (@ANI) February 3, 2024
बेटी प्रतिभा बोलीं- सम्मान की बात सुन दादा बहुत खुश
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी ने अपने पिता को भारत रत्न दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। प्रतिभा आडवाणी ने कहा, "पूरा परिवार और मैं बहुत खुश हैं कि उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया है। इस मौके पर मुझे मेरी मां की याद आ रही है। उनका दादा (आडवाणी जी) के सार्वजनिक और निजी जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है। सम्मान की बात जानकर दादा बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। वह प्रधानमंत्री के साथ-साथ देश के लोगों को धन्यवाद देते हैं कि उन्हें जीवन के इस मुकाम पर यह सम्मान दिया जा रहा है।" प्रतिभा आडवाणी ने कहा, "वह बहुत अभिभूत हैं। वह कम बोलने वाले व्यक्ति हैं। लेकिन उसकी आंखों में आंसू थे। उन्हें इस बात की खुशी और संतोष है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। इसलिए, हम बहुत खुश हैं।"
#WATCH | Pratibha Advani says, "He is very overwhelmed. He is a man of few words. But he had tears in his eyes. He has this joy and satisfaction that he dedicated his entire life in service of the nation. So, we are very happy..." https://t.co/xj8Ag5Qnfk pic.twitter.com/fdOwvrEjTJ
— ANI (@ANI) February 3, 2024
बेटे जयंत आडवाणी ने भी दी प्रतिक्रिया
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बेटे जयंत आडवाणी ने भी अपने पिता को भारत रत्न दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "... यह परिवार और देश के सभी के लिए बहुत खुशी की बात है।" राम मंदिर आंदोलन और प्राणप्रतिष्ठा में भाजपा नेता की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''... आज, मंदिर हमारे सामने है और यह उनके जीवनकाल में संभव हो गया। इसलिए, हम बहुत खुश हैं।"
कौन हैं लालकृष्ण आडवाणी?
भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के सातवें उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और मां का नाम ज्ञानी देवी है। उनके पिता पेशे से एक उद्यमी थे। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से ग्रहण की थी। इसके बाद वह हैदराबाद, सिंध के डीजी नेशनल स्कूल में दाखिला लिया। विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर मुंबई आकर बस गया। यहां उन्होंने लॉ कॉलेज ऑफ द बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। उनकी पत्नी का नाम कमला आडवाणी है। उनके बेटे का नाम जयंत आडवाणी और बेटी का नाम प्रतिभा आडवाणी है।
सबसे अधिक समय तक भाजपा अध्यक्ष रहे आडवाणी?
आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। कई वर्षों तक आडवाणी राजस्थान में आरएसएस प्रचारक के काम में लगे रहे। वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी थी। 1980 से 1990 के बीच आडवाणी ने भाजपा को एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनाने के लिए काम किया। लालकृष्ण आडवाणी तीन बार (1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। 1984 में महज दो सीटें हासिल करने वाली पार्टी को अगले लोकसभा चुनावों में 86 सीटें मिलीं। पार्टी की स्थिति 1992 में 121 सीटों और 1996 में 161 पर पहुंच गई। आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर थी और भाजपा सबसे अधिक संख्या वाली पार्टी बनकर उभरी थी।