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बालिग होने पर नहीं दे सकेंगे यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा

Thu, 27 Apr 2017 08:45 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट Updated Thu, 27 Apr 2017 08:45 AM IST
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adults cannot be given to UP board high school examination
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल रेग्यूलर परीक्षा में अब 18 वर्ष से ज्यादा आयु के छात्र-छात्राएं शामिल नहीं हो सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड की बैठक में बुधवार को इस पर निर्णय लिया गया। खासकर यह कदम वित्तविहीन विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
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इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने पर एक्ट में संशोधन के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी। शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में नए स्कूलों में मान्यता ऑनलाइन देेने, कक्षा नौ से 12 तक योग की कक्षाएं शुरू करने पर भी निर्णय लिया गया।
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 परिषद मुख्यालय में हुई बोर्ड बैठक में सचिव शैल यादव ने विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव रखे। हाईस्कूल की परीक्षा के लिए छात्रों की आयु सीमा अधिकतम 18 वर्ष करने का फैसला वित्तविहीन विद्यालयों पर लगाम लगाने के लिए किया गया।
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सरकारी नौकरी में आयु का लाभ लेने के लिए कई बार लोग दोबारा हाईस्कूल की परीक्षा देने के लिए इन विद्यालयों में रेग्युलर छात्र के रूप में रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। इसके अलावा सहायता प्राप्त विद्यालयों में बाहरी स्कूलों के 10 छात्रों की तय सीमा से अधिक का प्रवेश ले लिया जाता है।

इनमें से ज्यादा अधिक आयु के होते हैं। आयु सीमा निर्धारित होने के बाद इस मनमानी पर भी रोक लगेगी। हाईस्कूल की व्यक्तिगत परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा का बंधन नहीं रखा गया है।
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मेधावी छात्रों को होगा नुकसान

adults cannot be given to UP board high school examination
 यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 14 वर्ष और अधिकतम 18 वर्ष करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से उन मेधावी छात्रों को नुकसान होगा जो कम उम्र में हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होते हैं।

क्षमता से अधिक नहीं कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन
इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड बैठक में विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए तय क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन न करने का भी निर्णय लिया गया। विशेष परिस्थिति में विद्यालय प्रबंधन को इसके लिए डीआईओएस से अनुमति लेने होगी। डीआईओएस विद्यालय में छात्रों की क्षमता की जांच करने के बाद इस पर अंतिम निर्णय लेंगे।

नए सत्र से पढ़ाया जाएगा योग
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में जुलाई से शुरू हो रहे नए सत्र में योग को शामिल करने पर भी बैठक में फैसला हो गया। योग को नैतिक शिक्षा के साथ जोड़ा गया है। पिछले दिनों पंतजलि योग पीठ से आए विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम समिति की बैठक में योग के लिए कोर्स तय करने पर सुझाव दिए थे। अभी तक योग नैतिक शिक्षा में शामिल है और हाईस्कूल में छह नंबर एवं इंटर में पांच नंबर के प्रश्न पूछे जाते हैं लेकिन नई व्यवस्था में 20 नंबर के प्रश्न पत्र योग विषय के होंगे, जबकि  नैतिक शिक्षा और खेल एवं शारीरिक शिक्षा पर 15-15 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे।

स्कूलों की मान्यता के आवेदन अब ऑनलाइन
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड से नए स्कूलों की मान्यता के लिए अब फाइल लेकर चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बोर्ड बैठक में तय हुआ कि अब स्कूलों की मान्यता के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। स्कूल के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऐसा होने के बाद आवेदन करने वालों को बोर्ड मुख्यालय आने, अफसरों, बाबुओं के चक्कर लगाने से भी छुटकारा मिल जाएगा।
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