फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Admiral Karambir singh directed his force to curb ostentatious, fawning and supercilious behaviour

नौसेना अध्यक्ष ने खत्म की फूलों का गुलदस्ता देने की परंपरा, कहा- सभी को मिले एक जैसा खाना

Wed, 05 Jun 2019 09:33 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 05 Jun 2019 09:33 AM IST
विज्ञापन
Admiral Karambir singh directed his force to curb ostentatious, fawning and supercilious behaviour
एडमिरल करमबीर सिंह और सुनील लांबा (फाइल फोटो) - फोटो : Indian Navy Twitter

नौसेना अध्यक्ष का पद संभालने के बाद एडमिरल करमबीर सिंह ने कई सराहनीय कदम उठाए हैं। उन्होंने सहायक संस्कृति पर लगाम लगाने, कुछ औपचारिक प्रथाओं को सीमित करने और विभिन्न रैंकों के बीच समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले सभी रैंक के नौसेना कर्मियों को एक जैसा भोजन, कटलरी, क्रॉकरी और पेय पदार्थ दिए जाएं। उन्होंने दौरे के दौरान वरिष्ठ अधिकारी या उनकी पत्नी को फूलों के गुलदस्ते न दिए जाएं। एडमिरल करमबीर सिंह ने नौसेना प्रमुख के लिए कई गाड़ियों के काफिले को तैयार रखने के प्रावधान को भी हटा दिया है। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कनिष्ठ अधिकारियों को अनुशासित रहने और सम्मानपूर्वक व्यवहार करने न कि अधीन व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को कहा कि एक आधुनिक युद्ध शक्ति के रूप में यह जरूरी है कि सामयिक और संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग की दिशा में समकालीन सामाजिक और औपचारिक प्रथाओं को आत्मसात किया जाए। सिंह ने 31 मई को एडमिरल सुनील लांबा के स्थान पर नौसेना अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। एडमिरल सिंह ने तत्काल प्रभाव से नौसेना अध्यक्ष के दौरे से पहले तैनात गाड़ियों के काफिले को खत्म कर दिया है।
विज्ञापन


उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि वह दूसरों को संबोधित करते समय तीसरे शख्स का इस्तेमाल न करें। अधिकारियों और उनकी पत्नी को फूलों के गुलदस्ते न दिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान ही सज्जा की जाए। महिलाएं और बच्चे पदाधिकारियों को रीसिव नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि महिलाएं तब तक अपनी सीट पर बैठी रहेंगी जब तक कि भारत के राष्ट्रपति या राज्यपाल ऑडिटोरियम या कार्यक्रमस्थल पर नहीं आते हैं। जलपान और भोजन सादा रहेगा तथा आडंबर के बगैर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed