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रणनीति: फंड के लिए जूझ रही थी एसआईआई, फिर भी पूनावाला ने ठुकरा दिया एक अरब डॉलर का प्रस्ताव
Wed, 05 May 2021 08:03 AM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Wed, 05 May 2021 08:03 AM IST
सार
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया वैश्विक निवेशकों के साथ अरबों डॉलर के समझौते करने वाली थी, लेकिन कोविड-19 की वैक्सीन के उत्पादन पर काम करने के लिए धन की कमी होते हुए भी आखिरी मिनट पर एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने हाथ पीछे खींच लिए थे।
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अदार पूनावाला
- फोटो : Facebook/Bennett University
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विस्तार
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) पिछले साल फंड की कमी से जूझ रही थी। कंपनी वैश्विक निवेशकों के साथ अरबों डॉलर के समझौते करने वाली थी, लेकिन कोविड-19 की वैक्सीन के उत्पादन पर काम करने के लिए धन की कमी होते हुए भी आखिरी मिनट पर एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने हाथ पीछे खींच लिए थे। कंपनी से जुड़े दो लोगों ने इसकी जानकारी दी।
जानकारी के मुताबिक, पूनावाला परिवार के स्वामित्व वाली फर्म ने पिछले साल अक्तूबर में आखिरी मिनट पर निजी इक्विटी फर्म टीपीजी कैपिटल, अबू धाबी की एडीक्यू और सऊदी अरब की पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड (पीआईएफ) के एक सहायता संघ की ओर से दिए एक अरब डॉलर के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जानकारी देने वाले दोनों लोगों के मुताबिक, इस समझौते को रद्द करने के बाद बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से कंपनी में निधि सहायता दी गई, जो कम और मध्यम आय वाले देशों के वैक्सीन निर्माताओं को दी गई 300 मिलियन डॉलर राशि में से थी।
पूनावाला परिवार एक नई बनाई सहायक कंपनी के लिए 10 अरब डॉलर जुटा रहा था, जिसके तहत कोविड टीका समेत आगामी सभी टीके और एसआईआई के वाणिज्यिक हितों को संभालना था। एसआईआई ने कोविड टीका विकसित करने के लिए एस्ट्राजेनेका और नोवावैक्स समेत पांच अंतरराष्ट्रीय दवा कंपनियों के साथ साझेदारी की है और एक अरब खुराक का उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्धता जताई, जिसमें से उसने भारत को आधा हिस्सा दिया है। हालांकि, बाद में पूनावाला ने अपना विचार बदल दिया और इक्विटी फर्म से फंड लेने से इनकार कर दिया।
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बता दें कि वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया जल्द ही ब्रिटेन में करीब 2500 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है। ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी है कि भविष्य में सीरम इंस्टीट्यूट यूके में वैक्सीन भी बना सकता है। पीएम जॉनसन के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने बताया कि 240 मिलियन पाउंड (2460 करोड़ रुपये) के प्रोजेक्ट में क्लिनिकल ट्रायल, रिसर्च और संभवत: वैक्सीन निर्माण भी शामिल हो सकता है।
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जानकारी के मुताबिक, पूनावाला परिवार के स्वामित्व वाली फर्म ने पिछले साल अक्तूबर में आखिरी मिनट पर निजी इक्विटी फर्म टीपीजी कैपिटल, अबू धाबी की एडीक्यू और सऊदी अरब की पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड (पीआईएफ) के एक सहायता संघ की ओर से दिए एक अरब डॉलर के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जानकारी देने वाले दोनों लोगों के मुताबिक, इस समझौते को रद्द करने के बाद बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से कंपनी में निधि सहायता दी गई, जो कम और मध्यम आय वाले देशों के वैक्सीन निर्माताओं को दी गई 300 मिलियन डॉलर राशि में से थी।
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पूनावाला परिवार एक नई बनाई सहायक कंपनी के लिए 10 अरब डॉलर जुटा रहा था, जिसके तहत कोविड टीका समेत आगामी सभी टीके और एसआईआई के वाणिज्यिक हितों को संभालना था। एसआईआई ने कोविड टीका विकसित करने के लिए एस्ट्राजेनेका और नोवावैक्स समेत पांच अंतरराष्ट्रीय दवा कंपनियों के साथ साझेदारी की है और एक अरब खुराक का उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्धता जताई, जिसमें से उसने भारत को आधा हिस्सा दिया है। हालांकि, बाद में पूनावाला ने अपना विचार बदल दिया और इक्विटी फर्म से फंड लेने से इनकार कर दिया।
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बता दें कि वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया जल्द ही ब्रिटेन में करीब 2500 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है। ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी है कि भविष्य में सीरम इंस्टीट्यूट यूके में वैक्सीन भी बना सकता है। पीएम जॉनसन के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने बताया कि 240 मिलियन पाउंड (2460 करोड़ रुपये) के प्रोजेक्ट में क्लिनिकल ट्रायल, रिसर्च और संभवत: वैक्सीन निर्माण भी शामिल हो सकता है।