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राम सेतु प्राकृतिक है या कृत्रिम, ICHR नहीं करेगा जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:30 PM IST
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इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टॉरिकल (आईसीएचआर) के नए अध्यक्ष ने राम सेतु पर की जाने वाली जांच के लिए साफ तौर पर मना कर दिया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली इस काउंसिल के अध्यक्ष अरविंद जामखेडकर ने कहा कि राम सेतु या एडम्ज ब्रिज प्राकृतिक है या कृत्रिम, इसकी जांच के लिए समुद्र के अंदर अध्ययन नहीं किया जाएगा। बता दें बीते साल काउंसिल के तत्कालीन अध्यक्ष वाई सुदर्शन राव ने इस जांच की घोषणा की थी।
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काउंसिल के नए अध्यक्ष जामखेडकर ने रविवार को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह प्रस्ताव एक इतिहासकार ने दिया था। खुदाई का काम इतिहासकारों का नहीं बल्कि एएसआई जैसी एजेंसियों का है। हमारी काउंसिल इस काम के लिए केवल संबंधित एजेंसी को सिफारिश कर सकती है। 5 मार्च को अपना कार्यकाल संभालने वाले जामखेडकर ने आगे कहा कि काउंसिल के सदस्य इस प्रस्ताव के खिलाफ हैं और इसे कोई समर्थन नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा काउंसिल के सदस्य तो इससे बेहद नाराज भी हैं। इसके लिए हम कोई फंडिंग नहीं करेंगे और न ही ऐसा कोई अध्ययन करेंगे।
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पूर्व अध्यक्ष राव बोले- काश पूरा हो पाता काम
काउंसिल के निर्णय पर पूर्व अध्यक्ष राव ने कहा कि यह काम उन्होंने ही शुरू किया था। वह इस पर कुछ काम कर पाते इससे पहले ही उनका कार्यकाल खत्म हो गया। हालांकि आम लोगों की मान्यता है कि भगवान राम के आदेश पर वानर सेना ने ही राम सेतु बनाया था।
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