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Kerala: लाइबेरियाई जहाज डूबने के मामले में कार्रवाई, लापरवाही पर मालिक-चालक दल और मास्टर के खिलाफ केस दर्ज
Wed, 11 Jun 2025 03:05 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 11 Jun 2025 03:05 PM IST
सार
24 मई को कोच्चि तट से करीब 38 नॉटिकल मील दूर समुद्र में समुद्री ईंधन लेकर जा रहा लाइबेरिया का एक कंटेनर जहाज समुद्र में डूब गया था। जहाज में भरा ईंधन समुद्र में फैल गया था। अब मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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समुद्र में झुका लाइबेरियाई जहाज।
- फोटो : ANI
विस्तार
कोच्चि तट से कुछ दूर लाइबेरियाई जहाज डूबने के मामले में केरल पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने जहाज एमएससी एल्सा 3 के नौवहन में लापरवाही पर जहाज मालिक, मास्टर और चालक दल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 24 मई को कोच्चि तट से करीब 38 नॉटिकल मील दूर समुद्र में समुद्री ईंधन लेकर जा रहा लाइबेरिया का एक कंटेनर जहाज समुद्र में डूब गया था। जहाज में भरा ईंधन समुद्र में फैल गया था।
मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 282 (जहाज को लापरवाही से चलाना), 285 (सार्वजनिक मार्ग या नौवहन में बाधा या खतरा पैदा करना), 286 (जहरीले पदार्थ के संबंध में लापरवाही), 287 (अग्नि या दहनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही) और 288 (विस्फोटक पदार्थ के संबंध में लापरवाही) के तहत मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में कहा गया है कि जहाज मालिकों, मास्टर और चालक दल ने ज्वलनशील सामग्री ले जा रहे जहाज को संभालने में लापरवाही बरती।
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एफआईआर में कहा गया कि समुद्र में बहे माल से पर्यावरण और क्षेत्र के मछुआरा समुदाय की आजीविका पर असर पड़ा। उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ। मुकदमा अलप्पुझा जिले के सी शामजी नामक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
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जहाज पर लदे थे 640 कंटेनर
विझिनजाम बंदरगाह से कोच्चि जा रहा एमएससी एल्सा 3 नामक 184 मीटर लंबा जहाज 640 कंटेनरों के साथ चल रहा था। इनमें से 13 कंटेनर खतरनाक रसायनों से भरे थे और 12 में कैल्शियम कार्बाइड था। इसके अलावा जहाज में करीब 84.44 मीट्रिक टन डीजल और 367.1 मीट्रिक टन फर्नेस ऑयल था। जहाज के झुकने की सूचना मिलने पर भारतीय तटरक्षक बल ने कार्रवाई की और 21 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
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मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 282 (जहाज को लापरवाही से चलाना), 285 (सार्वजनिक मार्ग या नौवहन में बाधा या खतरा पैदा करना), 286 (जहरीले पदार्थ के संबंध में लापरवाही), 287 (अग्नि या दहनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही) और 288 (विस्फोटक पदार्थ के संबंध में लापरवाही) के तहत मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में कहा गया है कि जहाज मालिकों, मास्टर और चालक दल ने ज्वलनशील सामग्री ले जा रहे जहाज को संभालने में लापरवाही बरती।
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एफआईआर में कहा गया कि समुद्र में बहे माल से पर्यावरण और क्षेत्र के मछुआरा समुदाय की आजीविका पर असर पड़ा। उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ। मुकदमा अलप्पुझा जिले के सी शामजी नामक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
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जहाज पर लदे थे 640 कंटेनर
विझिनजाम बंदरगाह से कोच्चि जा रहा एमएससी एल्सा 3 नामक 184 मीटर लंबा जहाज 640 कंटेनरों के साथ चल रहा था। इनमें से 13 कंटेनर खतरनाक रसायनों से भरे थे और 12 में कैल्शियम कार्बाइड था। इसके अलावा जहाज में करीब 84.44 मीट्रिक टन डीजल और 367.1 मीट्रिक टन फर्नेस ऑयल था। जहाज के झुकने की सूचना मिलने पर भारतीय तटरक्षक बल ने कार्रवाई की और 21 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।