जारी रहेगी दिल्ली में अवैध निर्माण व सीलिंग पर कार्रवाई, बिल्डर और ठेकेदार होंगे ब्लैक लिस्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा है कि राजधानी में अवैध निर्माण पर रोक और सीलिंग की कार्रवाई पर किसी तरह की रोक नहीं है। इससे पहले केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसने निगम को अवैध निर्माण को ढहाने व सीलिंग की कार्रवाई नहीं करने का कोई निर्देश नहीं दिया है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने दोटूक कहा कि अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और अवैध निर्माण पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया जाए। साथ ही पीठ ने सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स के अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कहा है। सीलिंग की कार्रवाई करने वाले दस्ते के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की व्यवस्था की जाए।
इसके अलावा पीठ ने यह भी कहा कि अवैध निर्माण के लिए जो भी बिल्डर, ठेकेदार और आर्किटेक्ट जिम्मेदार है, उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किया जाए। पीठ ने दो हफ्ते के भीतर दिशानिर्देश जारी करने के लिए कहा है।
पीठ ने कहा कि अवैध निर्माण की जानकारी मिलने के तत्काल बाद निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। अवैध निर्माण करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया जाना चाहिए।
सुनवाई केदौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि गत नौ जुलाई को दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) ने एक मोबाइल एप्प की शुरुआत की है। लोग अवैध निर्माण केबारे में इस एप्प पर शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 431 शिकायतें आ चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतों पर कार्रवाई भी हो रही है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल किया कि अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई। जवाब में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कार्रवाई हो रही है। इसकेबाद पीठ ने यह सवाल किया कि आपकेऑफस ऑफ मेमोरेडम में अवैध निर्माण की शिकायत पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने की बात थी, क्या इस पर अमल हो रहा है? जवाब में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि मैनपावर की कमी है। इस पर पीठ ने चुटकी लेते हुए कहा कि अथॉरिटी केपास स्लीपिंग पावर है।
नजफगढ़ जोनल वार्ड के चेयरमैन को पेश होने का आदेश
नजफगढ़ जोनल वार्ड के चेयरमैन को पेश होने का आदेश
सीलिंग और अवैध निर्माण की कार्रवाई पर बाधा पहुंचाने के कथित आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने नजफगढ़ जोनल वार्ड केचेयरमैन मुकेश सुरियान को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने केलिए कहा है। साथ ही अगली तारीख पर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर अदालत में हाजिर होने का भी निर्देश दिया गया है।
साथ ही सुनवाई केदौरान पीठ को बताया गया कि नजफगढ़ जोन केसहायक आयुक्त के ट्रांसफर चंद घंटों में कर दिया गया। इस पर पीठ ने ट्रांसफर संबंधी फाइल पेश करने केलिए कहा है।
हल्की बारिश में यह हाल तो भारी बारिश में क्या होगा: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सीलिंग पर सुनवाई केदौरान सुप्रीम कोर्ट में पिछले दिनों दिल्ली में हुई बारिश पर जगह-जगह हुए जलभराव पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने खासतौर पर मिंटो रोड पर जलभराव के कारण बस का करीब तीन चौथाई हिस्सा पानी में डृबने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
पीठ ने कहा कि हल्की बारिश में दिल्ली का सूरत बदल गई तो भारी बारिश होने पर क्या हाल होगा? यह कल्पना से परे हैं। पीठ ने कहा कि आखिर प्रशासन कहां है, यह कैसा प्रशासन है?
...राजीव सिन्हा...