फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Action against more than 7,300 policemen in connection with closure of action on fisheries

प्राथमिकियों पर कार्रवाई बंद करने के सिलसिले में 7,300 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई

Wed, 06 Feb 2019 03:48 PM IST
अजय सिंह भाषा, चेन्नई
भाषा, चेन्नई Published by: अजय सिंह Updated Wed, 06 Feb 2019 03:48 PM IST
विज्ञापन
Action against more than 7,300 policemen in connection with closure of action on fisheries

मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया गया है कि उन 7,324 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है, जो आवश्यक समय सीमा के अंदर अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने में नाकाम रहे और जिसकी वजह से 2.14 लाख से ज्यादा प्राथमिकियों पर कार्रवाई बंद करनी पड़ी।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति मुरलीधरण के अंतरिम आदेश पर पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने जवाबी हलफनामा अदालत में दाखिल किया है।

न्यायमूर्ति मुरलीधरण ने अपने आदेश में कहा था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में बंद किये जाने वाले मामलों का सही तरीके से रिकॉर्ड में नहीं रखा जा रहा है और इसलिए उन्होंने पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जवाब मांगा था।
विज्ञापन


जवाबी हलफनामे के अनुसार 2010 से 2018 के बीच ऐसे 1,72,602 मामलों को निचली अदालत ने बंद कर दिया।

इसमें यह भी दावा किया गया कि पुलिस के आरोपपत्र दाखिल नहीं करने के कारण इन प्राथमिकियों पर कार्रवाई बंद कर दी गयी।

अदालत को यह भी बताया गया कि 2009 से 2014 के बीच कुल 2,14,901 प्राथमिकियों को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बंद कर दिया।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय ने यह भी बताया कि उन 7,324 जांच अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है।

ये समय सीमा के अंदर अंतिम रिपोर्ट दायर करने में नाकाम रहे जिसकी वजह से निचली अदालतों ने प्राथमिकी पर कार्रवाई बंद कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed