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दूसरे देशों से अच्छे संबंध हमारी मजबूरी नहीं, ये विदेशनीति का हिस्सा: भारत सरकार
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Fri, 09 Jun 2017 07:13 PM IST
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गोपाल बागले
- फोटो : ANI
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भारत सरकार दूसरे देशों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखती है। ऐसा करना भारत सरकार की मजबूरी नहीं, बल्कि हमारे देश की विदेश नीति का अहम हिस्सा है। हम सभी लोगों से अच्छे संबंध बनाकर रखते हैं। अस्ताना में भारत सरकार के विदेश मामलों के मंत्रालय द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस में गोपाल बागले ने ये बाते कही।
भारत सरकार के विदेश मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने शंघाई सहयोग संगठन के समिट के बाद प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन कोई सैन्य गठबंधन नहीं है। इस समूह के देशों के बीच सैन्य अभ्यास नहीं होते। हां, ये जरूर है कि सभी देश आतंकवाद से पीड़ित हैं और हम सभी मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन के देशों के सुरक्षाबल आतंक-रोधी अभ्यास जरूर करते हैं। आगे से भारत भी इसमें शामिल होगा।
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गोपाल बागले ने इस दौरान भारत सरकार की विदेश नीति को भी साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहती है। पर कोई इसे हमारी मजबूरी नहीं समझे। ये हमारी विदेश नीति की नींव का पत्थर है।
Achhe sambandh rakhna humari majboori nahin, humari videsh neeti ka ek neev ka patthar hai,corner stone hai: Gopal Baglay,MEA Spox
इससे पहले, आज दिन में भारत औपचारिक तौर पर शंघाई सहयोग संगठन यानि एससीओ में शामिल हो गया। भारत के साथ पाकिस्तान को भी एससीओ का सदस्य बनाया गया है। इन दोनों देशों के अलावा चीन, रूस समेत 6 देश एससीओ में शामिल हैं।
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भारत सरकार के विदेश मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने शंघाई सहयोग संगठन के समिट के बाद प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन कोई सैन्य गठबंधन नहीं है। इस समूह के देशों के बीच सैन्य अभ्यास नहीं होते। हां, ये जरूर है कि सभी देश आतंकवाद से पीड़ित हैं और हम सभी मिलकर आतंकवाद से लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन के देशों के सुरक्षाबल आतंक-रोधी अभ्यास जरूर करते हैं। आगे से भारत भी इसमें शामिल होगा।
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SCO mein military exercises nhi hote,lekin anti-terrorism exercises hote hain. Sabko mil ke aatankwaad ka muqabla karna hai:Gopal Baglay,MEA pic.twitter.com/33Ur7UWA8I
— ANI (@ANI_news) June 9, 2017
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गोपाल बागले ने इस दौरान भारत सरकार की विदेश नीति को भी साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहती है। पर कोई इसे हमारी मजबूरी नहीं समझे। ये हमारी विदेश नीति की नींव का पत्थर है।
Achhe sambandh rakhna humari majboori nahin, humari videsh neeti ka ek neev ka patthar hai,corner stone hai: Gopal Baglay,MEA Spox
Achhe sambandh rakhna humari majboori nahin, humari videsh neeti ka ek neev ka patthar hai,corner stone hai: Gopal Baglay,MEA Spox pic.twitter.com/uxmaCP082Y
— ANI (@ANI_news) June 9, 2017
इससे पहले, आज दिन में भारत औपचारिक तौर पर शंघाई सहयोग संगठन यानि एससीओ में शामिल हो गया। भारत के साथ पाकिस्तान को भी एससीओ का सदस्य बनाया गया है। इन दोनों देशों के अलावा चीन, रूस समेत 6 देश एससीओ में शामिल हैं।
Heads of Member States sign the decision for India joining Shanghai Cooperation Organisation pic.twitter.com/uhO2ECc6zV
— Gopal Baglay (@MEAIndia) June 9, 2017