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सितंबर में सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बारिश के आसार, लेकिन नहीं होगी सीजन की भरपाई

Thu, 02 Sep 2021 04:30 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 02 Sep 2021 04:30 PM IST
सार

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश होने के आसार हैं। सितंबर में देशभर में औसतन 170 मिमी बारिश होती है। मध्य भारत के कई इलाकों में सामान्य से अधिक और उत्तर पश्चिम,उत्तर पूर्व और दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है...

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According to the Indian Meteorological Department, there is a possibility of 10 percent more rain than normal in September
दिल्ली में भारी बारिश - फोटो : ANI (File Photo)

विस्तार

देश में जून माह में जो मानसून उम्मीद से ज्यादा नजर आ रहा था, उसके अब सामान्य के भी न्यूनतम रेंज में रहने के आसार दिखाई दे रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अगस्त में अत्यंत कमजोर रहने के बाद सितंबर में थोड़ा बेहतर रहने के आसार लग रहे हैं। सितंबर में बारिश लंबी अवधि के औसत (एलपीए) की 110 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है, लेकिन यह पूरे सीजन की कमी की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

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भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश होने के आसार हैं। सितंबर में देशभर में औसतन 170 मिमी बारिश होती है। मध्य भारत के कई इलाकों में सामान्य से अधिक और उत्तर पश्चिम,उत्तर पूर्व और दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

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अगस्त में मानसून 24 फीसदी कम रहा

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जून से सितंबर तक के मॉनसून सीजन में कुल बारिश अब एलपीए की करीब 96 फीसदी रहने का अनुमान है, जो सामान्य दायरे के निचले छोर पर होगी। एलपीए की 96 से 104 फीसदी के बीच बारिश को सामान्य माना जाता है। इन चार महीनों के मॉनसून सीजन का एलपीए 89 सेंटीमीटर है। अकेले सितंबर का एलपीए करीब 17 सेंटीमीटर है, जो चार महीनों के मॉनसून सीजन में सबसे कम है। ऐसे में सितंबर में भारी बारिश होने पर यह पूरे सीजन की कमी की भरपाई नहीं कर पाएगी।

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हालांकि इससे आगामी रबी फसलों के लिए संभावनाएं सुधरेंगी और नदी और तालाब जररूर भर जाएंगे। अगस्त में मॉनसून सामान्य से करीब 24 फीसदी कम रहा, जो वर्ष 1901 से छठा सबसे सूखा अगस्त रहा। जुलाई में भी मॉनसून सामान्य से सात फीसदी कम रहा था। जुलाई और अगस्त मॉनसून सीजन के दो सबसे अहम महीने हैं क्योंकि ज्यादातर बारिश इन्हीं महीनों में होती है। मौसम विभाग ने जून में कहा था कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एलपीए का 101 फीसदी रहने का अनुमान है और पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत को छोडकर देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश के आसार हैं।

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र बुधवार को कहा कि सितंबर महीने में देश के अधिकांश हिस्से में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होगी। आईएमडी ने इसके साथ ही बारिश के अपने पूर्वानुमान में संशोधन किया है। आईएमडी ने मौसम के लिए समग्र वर्षा पूर्वानुमान को भी अपडेट किया है और अब यह सामान्य वर्षा के निचले छोर के आसपास होने की संभावना है। आईएमडी ने कहा, सितंबर के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा सामान्य से अधिक (लंबी अवधि के औसत के 110 प्रतिशत से अधिक) होने की संभावना है।


महापात्र ने कहा कि मानसून की कमी अब नौ प्रतिशत पर है और सितंबर के दौरान अच्छी बारिश के कारण इसके कम होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में सात फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी, जबकि जून में 10 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई थी।

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