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सीरो सर्वे रिपोर्ट: मध्यप्रदेश समेत आठ राज्यों में 70 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी, केरल जहां सबसे ज्यादा मामले वहां महज 44.4%
Thu, 29 Jul 2021 02:35 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Thu, 29 Jul 2021 02:35 PM IST
सार
केरल के 56 फीसदी लोगों में कोरोना होने का खतरा बना हुआ है, क्योंकि इतनी आबादी में एंटीबॉडी की कमी है। इसी वजह से इस राज्य में संक्रमण बढ़ रहा है।
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सीरो सर्वे
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार समेत देश के आठ राज्यों में 70 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। जबकि सबसे ज्यादा मामले वाले राज्य केरल में यह आंकड़ा महज 44.4 फीसदी है। इंडियन मेडिकल रिसर्च काउंसिल (आईसीएमआर) की तरफ से कराए गए सीरो सर्वे में यह बात कही गई है। 14 जून से 16 जुलाई के बीच कराए गए सीरो सर्वे की रिपोर्ट बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की है। इस सर्वे में 6-17 साल के बच्चों को भी शामिल किया गया था। इसको देखते हुए लोगों से गैरजरूरी यात्रा टालने और कोरोना से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई थी।
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आईसीएमआर ने यह सर्वे देश के 70 जिलों में किया था। यह आईसीएमआर का चौथा सीरो सर्वे है। आईसीएमआर में महामारी विज्ञान विभाग के प्रमुख समीरन पांडा भी सर्वेक्षण में शामिल थे। उन्होंने कहा जिलों को जनसंख्या के आधार पर चुना गया था और इसलिए कुछ राज्यों में अधिक जिलों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि चौथा सीरो सर्वे में शामिल जिले वहीं है जिसे इससे पहले तीनों सर्वे में शामिल किया गया था। सर्वे में हर जिले से 10 गांव या वार्ड में से 40-40 लोगों को चुना गया।
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किस राज्य में कितने लोगों में एंटीबॉडी
राज्य प्रतिशत
| मध्य प्रदेश | 79 |
| राजस्थान | 76 |
| गुजरात | 75.3 |
| बिहार | 75 |
| छत्तीसगढ़ | 74.6 |
| उत्तर प्रदेश | 71.0 |
| हिमाचल प्रदेश | 62.0 |
| झारखंड | 61.2 |
| हरियाणा | 60.1 |
| महाराष्ट्र | 58 |
सभी राज्यों को सीरो सर्वे कराने की सलाह
बुधवार को स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र लिखकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी कि वे जिला-स्तरीय डेटा तैयार करने के लिए आईसीएमआर के दिशा-निर्देश में खुद सीरो सर्वे करा लें। जिससे उस आंकड़ें का इस्तेमाल कोरोना की रोकथाम के लिए किया जा सकेगा। आईसीएमआर का सीरो सर्वे राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना संक्रमण के फैलाव के स्तर को समझने के लिए डिजाइन किया गया था।
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आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने पिछले सप्ताह सीरो सर्वे के नतीजे बताते हुए कहा था देश में लगभग 40 करोड़ यानी 33 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिनमें कोरोना की एंटीबाडी नहीं पाई गई है। यानी इन लोगों के कोरोना वायरस की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
टीकाकरण का महत्व
चौथे सीरो सर्वे ने कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण का महत्व भी समझा दिया है। चौथे सीरो सर्वे के मुताबिक जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली उनमें से केवल 62.3 फीसदी में ही कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी पाई गई। जबकि वैक्सीन की एक डोज लेने वालों में से 81 फीसदी और दोनों डोज लेने वालों में से 89.9 फीसदी लोगों में एंटीबाडी पाई गई। सीरो सर्वे यह भी बताता है कि जिन राज्यों ने पहली और दूसरी लहर में संक्रमण को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया है, और संक्रमण से एक बड़ी आबादी को बचाया है उन्हें भी बाकी लोगों के बचाव के लिए तेजी से टीकाकरण करना चाहिए।
क्या है सीरो सर्वे
कोरोना के राष्ट्रीय प्रसार के आकलन के लिए सीरो सर्वे किया जाता है। किसी आबादी के ब्लड सीरम में एंटीबॉडी है या नहीं इसे पता लगाने की प्रक्रिया को ही सीरो सर्वे कहा जाता है। अगर इस टेस्ट में किसी व्यक्ति में किसी एंटीबॉडी का स्तर बहुत ज्यादा मिलता है, तो मान लिया जाता है कि वह व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुका है।