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पिछले 46 सालों से वैध है गर्भपात, फिर भी 60 फीसदी असुरक्षित : स्टडी

Thu, 05 Oct 2017 09:47 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Thu, 05 Oct 2017 09:47 AM IST
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abortions being legal in India for the last 46 years, but 60% are unsafe

गर्भपात एक गंभीर समस्या है, जिससे कई देश जूझ रहे हैं। कई देशों में गर्भपात को गैरकानूनी करार दिया गया है, जबकि कई अन्य देशों में यह नियमों के साथ वैध है। भारत में गर्भपात कराना पिछले 46 सालों से वैध है, लेकिन बावजूद इसके 60 फीसदी गर्भपात असुरक्षित होते हैं। 

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भारत में असुरक्षित गर्भपात का आंकड़ा लगभग उतना ही है, जितना उन देशों में जहां गर्भपात करना अवैध है। इसके पीछ सबसे बड़ी वजह अस्पतालों की कमी, जागरूकता और गर्भपात को कलंक समझना है। यह आंकड़े अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल लैंसेट ने जारी किए हैं। 
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यह स्टडी डब्लूएचओ के साथ में गुट्मेकर संस्थान ने की है। स्टडी में बताया गया कि 62 देशों में जहां गर्भपात पर रोक लगाई गई है, वहां 75 फीसदी गर्भपात असुरक्षित होता है। वहीं जिन 57 देशों में यह कानून वैध है वहां महज 13 फीसदी गर्भपात असुरक्षित हैं। 
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हालांकि भारत में स्थिति विपरीत नजर आती है। भारत में गर्भपात वैध है, लेकिन असुरक्षित गर्भपात का अनुपात ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि, हेल्थकेयर सेंटर कर्मचारियों, दाइयों और आयुष डॉक्टरों की मदद से असुरक्षित गर्भपात की स्थिति को सुधारा जा सकता है। 

इसके लिए सरकार को जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। आईपीएएस डेवलपमेंट फाउंडेशन के एक्सयूटिव डायरेक्टर ने बताया कि अगर सरकार इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित गर्भपात की बात कभी सच नहीं हो पाएगी। 

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