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बेहद खुशी: पीएम मोदी से मिले अब्दुल्ला शाहिद, भारत के लगातार समर्थन-मदद की सराहना की
Sat, 24 Jul 2021 02:39 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 24 Jul 2021 02:39 AM IST
सार
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने अध्यक्ष पद के चुनाव में शाहिद की जीत पर उन्हें बधाई और कहा कि उनका निर्वाचन वैश्विक स्तर पर मालदीव के बढ़ते कद को दर्शाता है।
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मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान शाहिद ने अपने देश के विकास के लिए लगातार मदद और समर्थन के लिए भारत की सराहना की।
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उन्होंने ट्वीट किया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना मेरे लिए सम्मान की बात है। मालदीव के विकास के लिए भारत द्वारा लगातार की जा रही सहायता और समर्थन की सराहना की। साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष पद के लिए समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और अपनी प्राथमिकता के बारे में उन्हें बताया।
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वहीं पीएम मोदी ने भी ट्वीट किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के लिए अध्यक्ष निर्वाचित किए गए अब्दुल्ला शाहिद से मुलाकात कर बेहद खुशी हुई। उनके कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं। हमारी ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति के प्रमुख स्तंभ के रूप में मालदीव के लिए भारत की प्रतिबद्धता को मैंने फिर से दोहराया।
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पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘उम्मीद की अध्यक्षता’ का दूरदर्शी बयान देने के लिए शाहिद का सम्मान किया और उन्हें आश्वस्त किया कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत उन्हें अपना पूरा सहयोग और समर्थन देगा।
प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के अंगों सहित बहुपक्षीय तंत्रों के सुधार के महत्व पर जोर दिया और कहा कि विश्व की वर्तमान वास्तविकता और विश्व की बहुत बड़ी आबादी की आकांक्षाओं को दर्शाने के लिए यह जरूरी है। दोनों नेताओं ने भारत-मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों में हाल में आई तेजी की भी समीक्षा की।
राजनीतिक स्वार्थ के चलते भारत के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दे रहे असंतुष्ट विपक्षी तत्व
मालदीव के विदेशमंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि पूर्ववर्ती शासन के कुछ तत्व उनके देश में भारतीय मिशन के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये तत्व संख्या में अल्पसंख्यक हैं, देश में भारत की मदद से चल रहे बड़े प्रोजेक्टों से असंतुष्ट हैं, इसलिए अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसा कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शाहिद इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि हम राजनयिकों की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेते हैं और वियना कन्वेंशन का पूरी तरह से पालन करते हैं। राजनयिकों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उचित उपाय किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की कोई विदेश नीति नहीं थी और वे केवल एक नीति का पालन कर रहे थे कि एक देश के हाथों में दूसरे के खिलाफ खेलना। उनका तात्पर्य भारत और चीन को लेकर था। हालांकि ये तत्व काफी कम हैं।
कुछ निजी लोग भारत की सहायता से चल रहे बड़े प्रोजेक्टों को लेकर असंतुष्ट हैं और अपने निजी स्वार्थों के चलते वे भारत के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं। भारतीय मिशन ने उच्चायुक्त और अन्य स्टाफ सदस्यों के खिलाफ ऑनलाइन नफरती हमलों के मामलों को मालदीव के विदेश मंत्रालय के साथ उठाया था।
भारत और चीन से मिलने वाली सहायता की तुलना पर शाहिद ने कहा कि भारत हमेशा से आवश्यकता के समय सबसे पहले मदद करने वालों में रहा है। यहां तक कोरोना महामारी संकट के दौरान भी सबसे पहले वही मदद के लिए आगे आया। उसने चीन के वुहान से मालदीव के छात्रों को निकालने में सहायता की।
भारत ने डॉक्टरों और मेडिकल उपकरण भेजे। उसने 250 मिलियन डॉलर की सहायता दी। साथ ही अपने यहां टीकाकरण शुरू करने के 48 घंटे के अंदर हमें वैक्सीन उपलब्ध कराई। हमें इसकी तुलना अन्य देशों से नहीं करनी चाहिए क्योंकि भारत ने जो कुछ भी हमारे लिए किया, हम उसका जश्न मनाते हैं।
हम सभी देशों से संपर्क में रहेंगे और यह इस सरकार की नीति है। हमारे लिए सभी दोस्त हैं, कोई दुश्मन नहीं है। चीनी कर्ज पर उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने चीन से काफी मात्रा में डेवलपमेंट ऋण लिया। कोरोना काल में इसका भुगतान काफी चुनौतीपूर्ण है।