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AAP MLA Chaitar Vasava: गुजरात में आप विधायक चैतर वसावा हिरासत में लिए गए; आत्मसमर्पण करने जा रहे थे
Tue, 17 Dec 2024 11:55 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:55 AM IST
सार
अंकलेश्वर जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में 10 दिसंबर को दर्ज की गई एफआईआर में वसावा पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। इन धाराओं में सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने की धमकी, आपराधिक अतिक्रमण और गलत तरीके से रोकने के आरोप लगाए गए थे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
गुजरात के नर्मदा जिले में मंगलवार को आप विधायक चैतर वसावा और उनके करीब 100 समर्थकों को हिरासत में लिया गया। कार्रवाई उस वक्त की गई, जब वह अपने खिलाफ दर्ज एक मामले में पड़ोसी भरूच के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। डेडियापाड़ा पुलिस थाने के निरीक्षक प्रकाश पंड्या ने बताया कि विधायक बिना किसी नोटिस के पुलिस के सामने पेश होने जा रहे थे। इस वजह से कानून और व्यवस्था की चिंताओं के कारण उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।
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100 समर्थकों को भी नवगाम में हिरासत में लिया
पंड्या ने बताया कि कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर हमने वसावा और उनके करीब 100 समर्थकों को नवगाम में हिरासत में लिया। वे 10 दिसंबर को विधायक के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में अंकलेश्वर के एक पुलिस थाने जा रहे थे। आदिवासी नेता वसावा पर 3 दिसंबर को भरूच जिले के अंकलेश्वर जीआईडीसी (गुजरात औद्योगिक विकास निगम) में एक औद्योगिक इकाई के परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के लिए मामला दर्ज किया गया था। यहां बॉयलर में विस्फोट होने से चार श्रमिकों की मौत हो गई थी।
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10 दिसंबर को दर्ज की गई थी एफआईआर
अंकलेश्वर जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में 10 दिसंबर को दर्ज की गई एफआईआर में वसावा पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। इन धाराओं में सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने की धमकी, आपराधिक अतिक्रमण और गलत तरीके से रोकने के आरोप लगाए गए थे।
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एफआईआर में क्या?
एफआईआर में कहा गया कि वसावा और उनके समर्थकों ने बचाव अभियान के दौरान जबरन फैक्ट्री परिसर में प्रवेश किया। वे मृतक श्रमिकों के रिश्तेदारों से मिलने गए। उन्होंने पुलिस और अन्य अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का पालन करने से रोका। यहां तक कि उन्होंने फैक्ट्री अधिकारियों को धमकाया। एफआईआर में कहा गया कि उन्होंने पुलिस और सरकार के खिलाफ श्रमिकों के रिश्तेदारों को भी भड़काया।
वसावा ने क्या कहा?
इस बीच वसावा ने कहा कि वह एफआईआर के सिलसिले में पुलिस के सामने पेश होने जा रहे थे, क्योंकि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया था। अगर पुलिस चाहे तो मुझे जेल में डाल सकती है। मैं लोगों को न्याय दिलाने के लिए यहां हूं और अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करता रहूंगा। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक ने पुलिस की मजबूरी पर भी सवाल उठाया।
7 दिसंबर को भी दर्ज हुई थी एफआईआर
भरूच के राजपारडी पुलिस स्टेशन में 7 दिसंबर को उनके खिलाफ दर्ज एक अन्य एफआईआर का जिक्र करते हुए वसावा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक तानाशाही की सरकार चला रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। वसावा नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा से विधायक हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने भरूच सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।