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AAIB: विमान हादसों को लेकर एएआईबी की सिफारिश, कहा- ATC की मानसिक सेहत पर हो फोकस; तनाव प्रबंधन कार्यक्रम जरूरी
Fri, 12 Sep 2025 11:19 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:19 PM IST
सार
दिल्ली एयरपोर्ट पर नवंबर 2023 में हुए एयरप्रॉक्स हादसे की जांच में एएआईबी ने पाया कि एटीसी की परिस्थितिजन्य समझ की कमी से विमान खतरनाक रूप से करीब आ गए थे। रिपोर्ट में एएआई को तनाव प्रबंधन प्रोग्राम लागू करने, इंटरकॉम और एविएशन इंग्लिश के इस्तेमाल को अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है।
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हवाई जहाज।
- फोटो : Freepik
विस्तार
विमान दुर्घटना जांच एजेंसी (एएआईबी) ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सुझाव दिया है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (एटीसी) के लिए तनाव प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किया जाए। यह सिफारिश नवंबर 2023 में दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए गंभीर एयरप्रॉक्स हादसे की जांच रिपोर्ट में की गई है, जिसमें विस्तारा और इथियोपियन एयरलाइंस के विमान खतरनाक रूप से नजदीक आ गए थे।
एएआईबी की जांच में पाया गया कि यह घटना एयरोड्रोम कंट्रोलर (एडीसी-एस2) की परिस्थितिजन्य समझ में कमी के कारण हुई। उस समय विमान को रनवे 29आर से उड़ान भरने की अनुमति दी गई, जबकि समांतर रनवे 29एल पर लैंड करने वाले विमान का समय-सीमा (टीटीटी) पहले ही न्यूनतम 90 सेकेंड की सीमा से नीचे चला गया था।
टकराव से बचने के लिए गो-अराउंड
रिपोर्ट के मुताबिक, लैंडिंग करने वाला विमान अस्थिर एप्रोच पर था और उसने अंतिम समय में गो-अराउंड शुरू किया। उसी समय रनवे 29आर से दूसरा विमान उड़ान भर चुका था। दोनों विमानों के प्रोजेक्टेड फ्लाइट पथ आपस में टकराने की स्थिति में आ गए। हालांकि, समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और कोई हादसा नहीं हुआ।
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रिपोर्ट में कहा गया कि इस घटना में कंट्रोलर पर अधिक काम का बोझ, संचार में देरी, टकराव टालने के अप्रभावी निर्देश और जटिल परिचालन परस्पर निर्भरता मुख्य योगदान कारक रहे। यह घटना एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की चुनौतियों को सामने लाती है, खासकर व्यस्त हवाई अड्डों पर।
मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि ऐसे तनावपूर्ण हालात में एटीसी अधिकारियों को तुरंत ड्यूटी से हटाकर आराम का समय देना जरूरी है। इससे मानसिक दबाव कम होगा और गलत निर्णय लेने का खतरा घटेगा। इसके अलावा, क्रिटिकल इंसीडेंट स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम शुरू करने की सिफारिश की गई है, जिसमें समय पर डिब्रीफिंग, साथियों का सहयोग और पेशेवर काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
संचार और सुरक्षा सुधार पर जोर
रिपोर्ट में एएआई को सलाह दी गई है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स केवल इंटरकॉम के जरिए समन्वय करें और अनिवार्य रूप से एविएशन इंग्लिश का ही प्रयोग करें। साथ ही, मौसम विभाग (आईएमडी) को सभी व्यस्त हवाई अड्डों पर विंड शियर चेतावनी प्रणाली लगाने की सिफारिश की गई है। वास्तविक समय में इस तरह के अलर्ट पायलटों और एटीसी को सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगे।
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यह घटना विस्तारा की अहमदाबाद-दिल्ली फ्लाइट और इथियोपियन एयरलाइंस की दिल्ली-अदीस अबाबा फ्लाइट के बीच हुई थी। बाद में विस्तारा का एयर इंडिया में विलय हो गया। रिपोर्ट का मानना है कि अगर अनुशंसाओं पर सही तरीके से अमल हुआ तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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एएआईबी की जांच में पाया गया कि यह घटना एयरोड्रोम कंट्रोलर (एडीसी-एस2) की परिस्थितिजन्य समझ में कमी के कारण हुई। उस समय विमान को रनवे 29आर से उड़ान भरने की अनुमति दी गई, जबकि समांतर रनवे 29एल पर लैंड करने वाले विमान का समय-सीमा (टीटीटी) पहले ही न्यूनतम 90 सेकेंड की सीमा से नीचे चला गया था।
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टकराव से बचने के लिए गो-अराउंड
रिपोर्ट के मुताबिक, लैंडिंग करने वाला विमान अस्थिर एप्रोच पर था और उसने अंतिम समय में गो-अराउंड शुरू किया। उसी समय रनवे 29आर से दूसरा विमान उड़ान भर चुका था। दोनों विमानों के प्रोजेक्टेड फ्लाइट पथ आपस में टकराने की स्थिति में आ गए। हालांकि, समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और कोई हादसा नहीं हुआ।
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रिपोर्ट में कहा गया कि इस घटना में कंट्रोलर पर अधिक काम का बोझ, संचार में देरी, टकराव टालने के अप्रभावी निर्देश और जटिल परिचालन परस्पर निर्भरता मुख्य योगदान कारक रहे। यह घटना एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की चुनौतियों को सामने लाती है, खासकर व्यस्त हवाई अड्डों पर।
मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि ऐसे तनावपूर्ण हालात में एटीसी अधिकारियों को तुरंत ड्यूटी से हटाकर आराम का समय देना जरूरी है। इससे मानसिक दबाव कम होगा और गलत निर्णय लेने का खतरा घटेगा। इसके अलावा, क्रिटिकल इंसीडेंट स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम शुरू करने की सिफारिश की गई है, जिसमें समय पर डिब्रीफिंग, साथियों का सहयोग और पेशेवर काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
संचार और सुरक्षा सुधार पर जोर
रिपोर्ट में एएआई को सलाह दी गई है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स केवल इंटरकॉम के जरिए समन्वय करें और अनिवार्य रूप से एविएशन इंग्लिश का ही प्रयोग करें। साथ ही, मौसम विभाग (आईएमडी) को सभी व्यस्त हवाई अड्डों पर विंड शियर चेतावनी प्रणाली लगाने की सिफारिश की गई है। वास्तविक समय में इस तरह के अलर्ट पायलटों और एटीसी को सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगे।
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यह घटना विस्तारा की अहमदाबाद-दिल्ली फ्लाइट और इथियोपियन एयरलाइंस की दिल्ली-अदीस अबाबा फ्लाइट के बीच हुई थी। बाद में विस्तारा का एयर इंडिया में विलय हो गया। रिपोर्ट का मानना है कि अगर अनुशंसाओं पर सही तरीके से अमल हुआ तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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