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Maharashtra: 'सभी सांसद हमारे साथ', आदित्य ठाकरे ने शिवसेना UBT में बगावत की अटकलों पर लगाया विराम

Mon, 15 Jun 2026 11:52 PM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, पुणे/मुंबई।
आईएएनएस, पुणे/मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 15 Jun 2026 11:52 PM IST
सार

Maharashtra: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) में टूट की सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सांसद पूरी तरह एकजुट और वफादार हैं। उन्होंने विपक्ष पर अफवाह फैलाने और पार्टी तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाया। पढ़िए रिपोर्ट-

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Aaditya Thackeray dismisses Operation Tiger buzz, backs Shiv Sena-UBT MPs
आदित्य ठाकरे - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने सोमवार को पार्टी में एक बार फिर टूट की अटकलों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद वफादार हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की। आदित्य ठाकरे ने कहा, लोग अंधभक्त हो सकते हैं। लेकिन हमें अपने साथियों पर अंधविश्वास है। 
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शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलों पर क्या कहा?
महाराष्ट्र में कथित 'परेशन टाइगर' के तहत नए राजनीतिक विभाजन की अटकलें तेज होने के बीच आदित्य ठाकरे ने उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें दावा किया गया था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पांच सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं।
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उन्होंने कहा, जो लोग हमारे साथ हैं, वे 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़े अंतर से इसलिए जीते, क्योंकि मतदाताओं ने उद्धव ठाकरे पर भरोसा जताया था। आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी देशभर में राजनीतिक दलों में फूट डालने की कोशिश कर रही है, ताकि संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया जा सके।
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उन्होंने कहा, 2024 के लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगी एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के लिए व्यापक प्रचार किया था।

उद्धव की बैठक में सांसदों के शामिल न होने पर क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि रविवार को उद्धव ठाकरे की ओर से बुलाई गई बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल न होने वाले पांच सांसद क्या किसी फैसले को लेकर असमंजस में हैं, तो आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि ऑनलाइन बैठक में शामिल होने में क्या गलत है।

इससे पहले, शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा था कि उनकी पार्टी विरोधियों को निशाना बनाने के लिए 'ऑपरेशन वुल्फ' शुरू करेगी। उनका इशारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट की ओर था।

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बैठक में कौन शामिल हुआ और कौन नहीं?
राउत ने रविवार को पत्रकारों से कहा, उद्धव ठाकरे की ओर से मुंबई में बुलाई गई बैठक में सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे, जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टीकर और संजय देशमुख ऑनलाइन जुड़े थे।  संजय जाधव ने ठाकरे से फोन पर बात की और उनके अगले दो दिनों में मुंबई आकर मुलाकात करने की संभावना है।

संजय राउत ने सोमवार को कहा, जब शिवसेना में बंटवारा हुआ था, तब भी कुछ ऐसे लोग चले गए थे, जिनकी निष्ठा पर कभी संदेह नहीं किया जा सकता था। हमें अपने सांसदों पर भरोसा है और यह भरोसा आगे भी बना रहेगा। सभी सांसद शिवसेना (यूबीटी) के साथ हैं।


जब उनसे पूछा गया कि रविवार की बैठक में शारीरिक रूप से शामिल न होने वाले सांसद 19 जून को शिवसेना (अविभाजित) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे या नहीं, तो संजय राउत ने कहा कि शिवसेना परिवार के इस कार्यक्रम में आने के लिए किसी को निमंत्रण की जरूरत नहीं होती।
 
आदित्य ठाकरे और संजय राउत के ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब महाराष्ट्र में यह चर्चा चल रही है कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर, संजय जाधव, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे और नागेश पाटिल अष्टीकर शिंदे गुट के संपर्क में हैं। इससे जल्द किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सांसदों की एक अहम बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि उन्होंने कहा, जो लोग जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। लेकिन जो लोग बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ेंगे, उन्हें देर-सबेर इसका पछतावा होगा। 

 
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