{"_id":"58d757824f1c1b61371a3ab6","slug":"aadhaar-to-be-mandatory-for-driving-licence-says-sources","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कई ड्राइविंग लाइसेंस रखे हैं तो हो जाएं अलर्ट, सरकार ऐसे कसेगी शिकंजा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कई ड्राइविंग लाइसेंस रखे हैं तो हो जाएं अलर्ट, सरकार ऐसे कसेगी शिकंजा
amarujala.com- Presented by: राघवेंद्र मिश्र
Updated Sun, 26 Mar 2017 01:22 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
एक नाम से कई ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार राज्य सरकारों से नया नियम अपनाने का अनुरोध करेगा। इकॉनमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, आने वाले दिनों में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। यह नियम लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भी जरूरी होगा।
बताते चलें कि कई मामलों में देखा गया है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त हो जाने के बाद लोग दूसरा लाइसेंस बनवा लेते हैं। कई बार तो फर्जी आईकार्ड पर भी लाइसेंस बनवा लेते हैं।
आधार नंबर के बॉयोमेट्रिक्स से इन सब चीजों पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्ट के सूत्रों के अनुसार, नया नियम अक्टूबर 2017 से लागू हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताते चलें कि कई मामलों में देखा गया है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त हो जाने के बाद लोग दूसरा लाइसेंस बनवा लेते हैं। कई बार तो फर्जी आईकार्ड पर भी लाइसेंस बनवा लेते हैं।
विज्ञापन
आधार नंबर के बॉयोमेट्रिक्स से इन सब चीजों पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्ट के सूत्रों के अनुसार, नया नियम अक्टूबर 2017 से लागू हो सकता है।
विज्ञापन
Trending Videos
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने शुरू किया प्रयास
डेमो पिक
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस अमूलचूल बदलाव के प्रयास शुरू कर दिया है। चूंकि, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना राज्य का मामला है, इसलिए मंत्रालय राज्यों से इस सिस्टम को अपनाने के लिए अनुरोध करेगा।
रिपोर्ट में सूत्रों के अनुसार से लिखा है, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अकेले आधार कार्ड ही पर्याप्त दस्तावेज होगा। इसके बदले में उसे कई तरह के दस्तावेज जमा करने होंगे। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) इस पर काम करने की तैयारी कर रहे हैं।
रिपोर्ट में सूत्रों के अनुसार से लिखा है, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अकेले आधार कार्ड ही पर्याप्त दस्तावेज होगा। इसके बदले में उसे कई तरह के दस्तावेज जमा करने होंगे। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) इस पर काम करने की तैयारी कर रहे हैं।
आरटीओ ने शुरू किया काम
डेमो पिक
- फोटो : Demo Pic
बताते चलें कि अभी आरटीओ मैन्युअल सिस्टम पर काम कर रहा है। हालांकि, रियल डेटा तक पहुंच नहीं होने की वजह से मल्टिपल लाइसेंस बनाने वालों की पहचान नहीं हो पा रही है। लेकिन नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर ने ज्यादातर डेटा को अपलोड कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, आरटीओ ने डेटा को डिजिटल फॉर्मेट में बदलने का काम शुरू कर दिया है। इससे फर्जी या डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना लगभग नामुनिकन होगा।
सूत्रों के अनुसार, आरटीओ ने डेटा को डिजिटल फॉर्मेट में बदलने का काम शुरू कर दिया है। इससे फर्जी या डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना लगभग नामुनिकन होगा।