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Hindi News ›   India News ›   Aadhaar Case: Supreme Court asked If religion does not allow then would you refuse to pay income tax

धर्म इजाजत नहीं देता, तो आयकर भी देने से इनकार कर देंगे: सुप्रीम कोर्ट

Wed, 21 Mar 2018 05:29 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Mar 2018 05:29 AM IST
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Aadhaar Case: Supreme Court asked If religion does not allow then would you refuse to pay income tax
आधार पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई - फोटो : SELF
सुप्रीम कोर्ट ने आधार योजना के तहत निजी जानकारी नहीं देने की दलील पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कहा कि क्या धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कोई व्यक्ति कानून का पालन करने से भी इनकार कर सकता है।
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विशेष पहचान पत्र आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सवाल उठाया कि धार्मिक आजादी के अधिकार के नाम पर क्या कोई आयकर रिटर्न भरने जैसी वैधानिक अनिवार्यता से भी इनकार कर सकता है। 
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ में आधार की संवैधानिक वैधता और इससे जुड़े कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है।
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सुनवाई के दौरान एक मामला आया कि स्कूल में एक छात्र को दाखिला देने से इनकार कर दिया गया क्योंकि उसके पिता ने कहा कि उनका धर्म उन्हें बायोमेट्रिक विवरण देने की इजाजत नहीं देता। इस पर पीठ ने कहा, ‘धर्मनिरपेक्ष मामलों में क्या आप कह सकते हैं कि आप कोई कानून नहीं मानते। मसलन, क्या कोई व्यक्ति यह कह सकता है कि चूंकि उसकी अंतरात्मा इजाजत नहीं देता इसलिए वह आयकर नहीं दे सकता।’ 

'राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर नागरिकों पर ‘निरंकुश’ शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती'

Aadhaar Case: Supreme Court asked If religion does not allow then would you refuse to pay income tax
आधार लिंक - फोटो : self
वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार) का हवाला देते हुए कहा कि इसमें धार्मिक निष्ठा और पेशा अपनाने की छूट, अपने धर्म का प्रसार-प्रचार करने की आजादी है।

इससे पहले आधार योजना का विरोध करने वाले याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सरकार अपने नागरिकों पर ‘निरंकुश’ शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती और उनके साथ वस्तुओं जैसा बर्ताव नहीं कर सकती।

आधार कानून में डाटा सुरक्षा का अभाव है और यह जीवन, सुरक्षा, संरक्षा और निजता के मौलिक अधिकार के सिद्धांत का उल्लंघन करता है। इसके अलावा चार अन्य वकीलों ने आधार योजना के खिलाफ अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल केंद्र की ओर से अपनी दलील बुधवार को अदालत में पेश करेंगे। 
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