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MGNREGA: मजदूरी के भुगतान के लिए केंद्र ने आधार-आधारित भुगतान प्रणाली की अनिवार्य, मंत्रालय ने दी जानकारी
Mon, 01 Jan 2024 11:32 PM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Mon, 01 Jan 2024 11:32 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरी के भुगतान के लिए आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) अनिवार्य कर दी है। हालांकि, सरकार का कहना है यदि कुछ ग्राम पंचायतों में तकनीकी मुद्दे हैं तो सरकार उन्हें छूट देने पर विचार कर सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल
विस्तार
केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरी के भुगतान के लिए आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) अनिवार्य कर दी है। हालांकि, सरकार का कहना है यदि कुछ ग्राम पंचायतों में तकनीकी मुद्दे हैं तो सरकार उन्हें छूट देने पर विचार कर सकती है।
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मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति कोई भी देख सकता है
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर बताया कि लाभार्थियों द्वारा बार-बार बैंक खाता बदलने से परेशानी हो रही थी। इसी को हल करने के लिए और लाभार्थियों के भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए एबीपीएस को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, अगर किसी ग्राम पंचायत में तकनीकी समस्या, आधार संबंधी समस्या सहित अन्य कोई परेशानी हो तो सरकार छूट देने पर विचार कर सकती है। मंत्रालय ने आगे बताया कि राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप की मदद से मौके पर काम करने वाले लाभार्थियों की वास्तविक उपस्थिति दर्ज की जा रही है। लाभार्थियों के साथ-साथ देश का कोई भी नागरिक श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति की जांच कर सकता है।
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सरकार ने किया साफ- आधार लिंक होने से जॉब कार्ड नहीं डिलीट होंगे
मंत्रालय ने बताया कि कुल पंजीकृत जॉब कार्ड 14.32 करोड़ हैं। हालांकि, सक्रीय कार्डों की संख्या मात्र 9.77 करोड़ ही है, जो मात्र 68.22 प्रतिशत है। वहीं, 25.25 करोड़ श्रमिकों में से 14.32 करोड़ (56.83 प्रतिशत) सक्रिय है। मंत्रालय का कहना है कि पंजीकृत श्रमिकों में से लगभग 34.8 प्रतिशत तो वहीं, सक्रिय श्रमिकों में से 12.7 प्रतिशत अभी एबीपीएस के लिए अयोग्य हैं। एबीपीएस केवल तभी लागू होगा, जब कोई पंजीकृत लाभार्थी मजदूरी रोजगार के लिए आता है। हालांकि, सरकार ने एक मिथक को दूर किया कि आधार लिंक होने से जॉब कार्ड डिलीट हो सकते हैं। जॉब कार्ड को सिर्फ कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है। एबीपीएस से कारण बिल्कुल नहीं। जॉब कार्डों को अपडेट करना/हटाना राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एक नियमित प्रक्रिया है।
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