महिला को थी तीन किडनी डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाली एक किडनी
रांची के नामकुम इलाके में रहने वाली अर्चना (बदला नाम) को कुछ दिन पहले तक पता नहीं था कि उन्हें तीन किडनियां हैं। बीमार पड़ने पर डाक्टरों ने सिटी स्कैन कराया, तो उन्हें इसकी जानकारी हुई।
रांची के मेडिका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया जहां उनकी एक किडनी निकाल दी गयी है और वे स्वस्थ हैं। उनकी बाकी बची दो किडनियां काम कर रही हैं।
मेडिका के यूरोलाजिस्ट डा सामिक चटर्जी ने बताया कि यह रेयरेस्ट आफ द रेयर मामला है। जो अमूमन प्रति एक लाख लोगों में से किसी एक को होता है। ब्रिटिश चिकित्सा विज्ञानी वेगटे मेयर्स ने सबसे पहले इसकी खोज की थी।
इस कारण ऐसे मरीजों की जांच वेगटे मेयर्स ला के तहद की जाती है। डा सामिक चटर्जी ने बताया कि सिटी स्कैन या एमआरआई के जरिए मरीज मे डूपिंग लिली साइन होने का पता चलता है। इस साइन का मतलब है कि मरीज के शरीर में दो से अधिक किडनियां हैं।
ऐसा डुपलेक्स मोइटिज के बनने के कारण होता है
ऐसा डुपलेक्स मोइटिज के बनने के कारण होता है। ऐसे में किडनी के नीचे दूसरी किडनी भी बन जाती है। गर्भावस्था के दौरान ही शिशु में ऐसी किडनियां पनपती हैं। अर्चना के पति रामप्रवेश(बदला नाम) ने बताया कि उनकी पत्नी को बचपन से पेशाब लीक होने की शिकायत थी।
इस कारण उन्हें दुर्गंध और खुजली की शिकायत रहती थी। बचपन मे लोगों ने यह समझा कि शायद उम्र कम होने के कारण पेशाब पर नियंत्रण नहीं है। जब शादी के बाद भी यह रोग ठीक नहीं हुआ तो उन लोगों ने डाक्टर को दिखाया।
डा सामिक ने बताया कि अर्चना के शरीर मे बांयी तरफ दो किडनियां थीं। इनमे से एक किडनी बड़ी होकर नीचे वाली किडनी को प्रभावित कर रही थी। ऊपर वाली किडनी मे संक्रमण था।
इस कारण उसका आपरेशन जरुरी था। यह जटिल आपरेशन है। क्योंकि किडनी के आपरेशन में खून की नलियों का ध्यान रखना बारीकी का काम है।