कृषि कानून के विरोध में ट्रैक्टर जलाने पर राजनाथ सिंह बोले- 'यह एक राजनीतिक दल ने अपने लाभ के लिए किया'
देश में हाल ही में पास हुए कृषि कानून के विरोध में ट्रैक्टर जलाने की घटना को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजनीति से प्रेरित बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि 'कृषि बिल (अब कानून) के विरोध में एक ट्रैक्टर जला दिया गया था। जिस तरह एक सैनिक अपने हथियारों का सम्मान करता है, उसी तरह एक किसान अपने ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों का सम्मान करता है। कोई भी किसान ट्रैक्टर जलाने की अनुमति नहीं देगा। यह एक राजनीतिक दल ने अपने लाभ के लिए किया गया है।'
A tractor was burnt in protest of Farm Bills (now laws). The way a soldier respects his weapons, similarly a farmer respects his tractor&agriculture equipment. No farmer will allow burning of a tractor. This has been done by a political party for their own gains: Defence Minister pic.twitter.com/cVb77QBZoM
— ANI (@ANI) October 1, 2020विज्ञापन
जिस ट्रैक्टर की पूजा करते हैं किसान, उसमें विपक्ष ने लगाई आग- पीएम मोदी
इससे पहले 29 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा था कि विपक्ष ने उस उपकरण को आग लगाई, जिसकी किसान पूजा करते हैं।पीएम मोदी ने मंगलवार को नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तैयार छह परियोजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि अभी समाप्त हुए संसद सत्र में देश के किसानों, श्रमिकों और देश के स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से देश का श्रमिक, नौजवान, महिलाएं और किसान सशक्त होगा। लेकिन आज देश देख रहा है कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं। अब से कुछ दिन पूर्व देश ने अपने किसानों को अनेक बंधनों से मुक्त किया है। अब देश का किसान कहीं पर भी, किसी को भी अपनी उपज बेच सकता है।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज जब केंद्र सरकार किसानों को उनके अधिकार दे रही है, तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं। ये लोग चाहते हैं कि किसान की गाड़ियां जब्त होती रहे, उनसे बिचौलिए मुनाफा कमाते रहे।
उन्होंने कहा, वर्षों तक ये लोग कहते रहें कि एमएसपी लागू करेंगे, लेकिन किया नहीं। एमएसपी लागू करने का काम स्वामीनाथन कमीशन की इच्छा के अनुसार हमारी ही सरकार ने किया। विरोध करने वाले किसानों को आजाद नहीं होने देना चाहते हैं, किसान जिनकी पूजा करता है उसे ही आग लगाई जा रही है। ऐसा करके ये लोग किसानों को अपमानित कर रहे हैं।