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राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
Sun, 07 Apr 2019 05:57 PM IST
तिवारी अभिषेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तिवारी अभिषेक
Updated Sun, 07 Apr 2019 05:57 PM IST
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राजनीतिक दल (फाइल फोटो)
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सभी पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत सार्वजनिक अथॉरिटी घोषित करने की अपील वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने यह मांग की है।
उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि जनप्रतिनिधि कानून की धारा 29सी के तहत राजनीतिक दलों को मिलने वाले दान की सूचना चुनाव आयोग को देना आवश्यक है। यह दायित्व उनकी सार्वजनिक प्रकृति की ओर संकेत करता है। इसमें कहा गया है कि इसलिए, यह कोर्ट घोषित कर सकती है कि राजनीतिक दल आरटीआई कानून, 2005 की धारा 2(एच) के तहत ‘सार्वजनिक अथॉरिटी’ है।
याचिका में कहा गया है कि राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न आवंटित करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में उन्हें निलंबित करने या वापस लेने की चुनाव आयोग की शक्ति भी उनकी सार्वजनिक प्रकृति को दिखाता है।
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याचिका में ये निर्देश देने की भी मांग की गई है कि सभी पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियां चार हफ्ते के अंदर जन सूचना अधिकारी, सक्षम प्राधिकरण नियुक्त करें और आरटीआई कानून, 2005 के तहत सूचनाओं का खुलासा करें।
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उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि जनप्रतिनिधि कानून की धारा 29सी के तहत राजनीतिक दलों को मिलने वाले दान की सूचना चुनाव आयोग को देना आवश्यक है। यह दायित्व उनकी सार्वजनिक प्रकृति की ओर संकेत करता है। इसमें कहा गया है कि इसलिए, यह कोर्ट घोषित कर सकती है कि राजनीतिक दल आरटीआई कानून, 2005 की धारा 2(एच) के तहत ‘सार्वजनिक अथॉरिटी’ है।
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याचिका में कहा गया है कि राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न आवंटित करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में उन्हें निलंबित करने या वापस लेने की चुनाव आयोग की शक्ति भी उनकी सार्वजनिक प्रकृति को दिखाता है।
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याचिका में ये निर्देश देने की भी मांग की गई है कि सभी पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियां चार हफ्ते के अंदर जन सूचना अधिकारी, सक्षम प्राधिकरण नियुक्त करें और आरटीआई कानून, 2005 के तहत सूचनाओं का खुलासा करें।