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बोफोर्स घोटाला: अफसरों ने सुझाए थे राजीव गांधी को बचाने के तरीके; चित्रा सुब्रमण्यम ने किताब में किया दावा

Wed, 05 Mar 2025 05:07 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 05 Mar 2025 05:07 AM IST
सार

चित्रा ने 16 अप्रैल 1987 को स्वीडिश रेडियो की ओर से भारत के साथ बोफोर्स होवित्जर सौदे में रिश्वतखोरी की कहानी उजागर करने के तुरंत बाद यूरोप से इस मामले को कवर किया था। उन्होंने अपनी जांच का विवरण इस किताब में दिया है। चित्रा को ‘बोफोर्स के शीर्ष अधिकारियों और भारत के शीर्ष नौकरशाहों’ के बीच एक गुप्त बैठक के सारांश पर आधारित हैं।

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A Book claims Indian bureaucrats suggested 'way to save Rajiv Gandhi' to Bofors officials in 1987
संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में लगी राजीव गांधी की तस्वीर। - फोटो : ani

विस्तार

पूर्व पीएम राजीव गांधी सरकार में नौकरशाहों ने 1987 में बोफोर्स अधिकारियों को चर्चित रिश्वत कांड में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सभी दोषों में कैसे मुक्त कराया जाए इसका प्रशिक्षण दिया था। खोजी पत्रकार चित्रा सुब्रमण्यम ने अपनी किताब में यह खुलासा किया है। बोफोर्स तोपों की खरीद वाले इस घोटाले ने चार दशक पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हिलाकर रख दिया था।

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चित्रा सुब्रमण्यम ने अपनी किताब बोफोर्सगेट में यह दावे किए हैं। इस किताब को जगरनॉट ने प्रकाशित किया है। चित्रा ने 16 अप्रैल 1987 को स्वीडिश रेडियो की ओर से भारत के साथ बोफोर्स होवित्जर सौदे में रिश्वतखोरी की कहानी उजागर करने के तुरंत बाद यूरोप से इस मामले को कवर किया था। उन्होंने अपनी जांच का विवरण इस किताब में दिया है। चित्रा को ‘बोफोर्स के शीर्ष अधिकारियों और भारत के शीर्ष नौकरशाहों’ के बीच एक गुप्त बैठक के सारांश पर आधारित हैं। उन्हें एक सूत्र, स्टेन लिंडस्ट्रोम (पुस्तक में ‘स्टिंग’ के नाम से भी जाना जाता है) ने यह जानकारी दी है।
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1,437 करोड़ के सौदे में 64 करोड़ की रिश्वत दी गई थी
बोफोर्स घोटाला 1980 के दशक में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान स्वीडिश कंपनी बोफोर्स के साथ 1,437 करोड़ रुपये के सौदे में 64 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों से जुड़ा है। यह सौदा 400 155 मिमी फील्ड हॉवित्जर तोपों की आपूर्ति के लिए किया गया था। इन तोपों ने कारगिल युद्ध के दौरान भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह मामला 2011 में बंद कर दिया गया था।
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क्या था बोफोर्स घोटाला
1986 में स्विस आर्म्स निर्माता कंपनी बोफोर्स ने हाविट्जर तोपों की सप्लाई के लिए भारत के साथ 1600 करोड़ रुपये का सौदा किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनकी पत्नी सोनिया गांधी के करीबी दोस्त माने जाने वाले क्वात्रोच्चि पर इस सौदे में बिचौलिये की भूमिका निभाने का आरोप लगा था। इतालवी बिजनेसमैन पर आरोप था कि इस सौदे के बदले उसे दलाली की रकम का बड़ा हिस्सा मिला। गिरफ्तारी से बचने के लिए क्वात्रोच्चि 1993 में भारत से फरार हो गया था।मार्च 2011 में दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई को उसके खिलाफ मामले को बंद की अनुमति दे दी थी क्योंकि जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया था कि वह क्वात्रोच्चि के भारत प्रत्यर्पण में असमर्थ है।
 

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