हिमालय में कुल 9575 ग्लेशियर, इनमें 267 पर हर वक्त रहती है नजर, जानें क्यों?
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उत्तराखंड के चमोली में जलप्रलय की घटना के बाद ग्लेशियर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इसके तहत ग्लेशियर की संख्या और उन्हें हो रहे नुकसान पर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आपको बता दें कि हिमालयन रेंज में कुल 9 हजार 575 ग्लेशियर हैं, जिनमें 267 ग्लेशियर पर हर वक्त नजर रखी जाती है। इसके लिए खासतौर पर एक समिति भी बनाई गई है। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि ग्लेशियर की निगरानी वाली यह समिति आखिर कौन-सी है और यह कैसे काम करती है? इसके अलावा निगरानी के मापदंड क्या-क्या हैं?
पहले चार ग्लेशियर की होती थी निगरानी
गौरतलब है कि हिमालय में मौजूद ग्लेशियरों पर काफी पहले से नजर रखी जा रही है। दरअसल, इसके लिए दिवेचा सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज यानी डीसीसीसी समिति बनाई गई है। पहले यह समिति सिर्फ चार ग्लेशियर पर नजर रखती थी, लेकिन अब निगरानी वाले ग्लेशियरों की संख्या 267 हो गई है।
चमोली हादसे के बाद चर्चा तेज
ये संस्थाएं रखती हैं ग्लेशियरों पर नजर
इस वजह से होती है ग्लेशियर की निगरानी
बता दें कि पर्यावरण के लिहाज से ग्लेशियर का अध्ययन बेहद उपयोगी है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वालों पर संभावित आपदा के आकलन और पूर्वानुमान के लिए भी इन पर नजर रखी जाती है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के मुताबिक, अब तक हिमालय में 9575 ग्लेशियर मिले हैं, जिनमें केवल 267 ग्लेशियर ही 10 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा बड़े हैं।