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चेन्नई में शुरू हुआ दुनिया का 89वां प्रोटॉन सेंटर, कैंसर के इलाज में दर्द से मिलेगी राहत

Sat, 26 Jan 2019 02:45 AM IST
Gaurav Pandey परीक्षित निर्भय, चेन्नई
परीक्षित निर्भय, चेन्नई Published by: Gaurav Pandey Updated Sat, 26 Jan 2019 02:45 AM IST
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89th proton centre started in India, Cancer treatment will be painless
प्रोटॉन थेरेपी - फोटो : Apollo Hospitals

अब प्रोटोन थेरेपी से भी जानलेवा कैंसर का उपचार हो सकेगा। दुनिया के 89वें प्रोटोन सेंटर भारत में शुरू हो गया। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को चेन्नई स्थित अपोलो प्रोटोन सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान नायडू ने डॉक्टरों से व्यायाम, स्वदेशी आहार, मातृभूमि और मरीजों को जागरूक करने की अपील की। 

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चेयरमैन डॉ प्रताप सिंह रेड्डी ने बताया कि करीब 1300 करोड़ की लागत से बने इस सेंटर में 200 टन वजन की मशीन बेल्जियम से लाई गई है। चार साल में ये सेंटर बनकर तैयार हुआ। दो साल मशीन को स्टॉल करने में लग गए। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार साल 2018 में देश में कैंसर के आठ लाख नए मरीज सामने आए। अब देश में सर्जरी, कीमो और रेडियोथेरेपी के साथ ही प्रोटोन थेरेपी से भी कैंसर का इलाज हो सकेगा। 
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अपोलो प्रोटोन सेंटर में ऑस्ट्रेलिया से आए पहले कैंसर मरीज का उपचार सफल रहा है। झज्जर में शुरू हुए देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनआईसी) और मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल में भी ये सुविधा जल्द मरीजों को मिल सकेगी। 

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क्या है प्रोटोन थेरेपी

प्रोटोन थेरेपी एक ऐसी अत्याधुनिक पद्धति है, जो कैंसर के अतिसूक्ष्म शिष्ट (गांठ) को मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित किए बिना कैंसर सेल्स का खात्मा करती है। अभी तक दुनिया के करीब 15 देशों में 88 सेंटर खोले जा चुके हैं। अमेरिका, जापान और चीन में सबसे ज्यादा प्रोटोन सेंटर हैं। जबकि दक्षिण पूर्वी एशिया का पहला सेंटर चैन्ने में शुरू हो चुका है।

इस पद्धति से उपचार के फायदे

आमतौर पर कैंसर मरीज को कीमो में बाल झड़ने और तड़प वाली पीड़ा होती है। रेडियोथेरेपी में उसकी त्वचा जल जाती है। जबकि प्रोटोन थेरेपी इन सभी दुष्प्रभावों से मुक्त है। सेंटर के निदेशक डॉ राकेश जलाली ने बताया कि प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर में प्रोटोन थेरेपी एक तरह से वरदान है।

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