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कैसे स्वदेश लौटेंगे 83 भारतीय फौजी, पाकिस्तान नहीं करता अपनी कैद में होने की पुष्टि

Mon, 10 Aug 2020 06:37 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 10 Aug 2020 06:37 PM IST
सार

भारतीय युद्ध बंदियों और दूसरे रक्षा कार्मिकों की हिरासत में होने की पुष्टि पाकिस्तान नहीं कर रहा है। वह मछुआरों सहित 261 भारतीयों के कैद में होने की बात तो कहता है। बहुत से युद्ध बंदियों के परिजन तो अब यह उम्मीद छोड़ बैठे हैं कि उनके अपने कभी वापस स्वदेश लौट सकेंगे...

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83 Indian soldiers in pakistan jails, but he did not confirm there captivity
वाघा-अटारी बॉर्डर - फोटो : File Photo

विस्तार

भारत लंबे समय से पाकिस्तान के समक्ष 83 युद्ध बंदियों व गुमशुदा भारतीय रक्षा कार्मिकों का मुद्दा उठाता रहा है। युद्ध बंदियों एवं दूसरे गुमशुदा जवानों के परिवार समय-समय पर कई ऐसे सबूत देते रहते हैं, जिनसे यह पुष्टि होती है कि उनके परिजन पाकिस्तान की कैद में हैं। लेकिन पाकिस्तान हमेशा एक ही रटी रटाई बात कह देता है कि उनके यहां पर ऐसा कुछ नहीं है।

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भारतीय युद्ध बंदियों और दूसरे रक्षा कार्मिकों की हिरासत में होने की पुष्टि पाकिस्तान नहीं कर रहा है। वह मछुआरों सहित 261 भारतीयों के कैद में होने की बात तो कहता है। बहुत से युद्ध बंदियों के परिजन तो अब यह उम्मीद छोड़ बैठे हैं कि उनके अपने कभी वापस स्वदेश लौट सकेंगे।
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इस साल के शुरू में दोनों देशों की सरकारों के बीच आदान-प्रदान की गई सूची के मुताबिक, पाकिस्तान ने 261 भारतीय कैदियों के अपनी हिरासत में होने की पुष्टि की है। हालांकि यह माना जाता है कि मछुआरों सहित 337 भारतीय कैदी पाकिस्तान की हिरासत में हैं। इनमें 34 ऐसे सिविल कैदी हैं, जिन्हें हिरासत में पांच साल से कम का समय हुआ है।
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270 मछुआरे भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। पांच से लेकर दस साल के बीच की समयावधि वाले सिविल कैदियों की संख्या 19 बताई गई है। दस से पंद्रह वर्ष के बीच ऐसे कैदियों की तादाद 11 है। पंद्रह साल से ज्यादा की अवधि वाले तीन सिविल कैदी हैं। ये वह आंकड़ा है जो पाकिस्तान अधिकारिक तौर पर जारी करता है।

सबसे बड़ा मुद्दा 83 युद्ध बंदियों एवं दूसरे गुमशुदा जवानों का है। इन्हें लेकर पाकिस्तान कोई सूचना नहीं देता। विदेश राज्यमंत्री वी.मुरलीधरन के अनुसार, केंद्र सरकार पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय कैदियों की जल्द रिहाई और देश वापसी का मामला निरंतर उठाती रहती है।

इसके अतिरिक्त इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग निरंतर पाकिस्तान में कैद भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान जेल प्राधिकारियों के माध्यम से दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं के नियमित वितरण सहित उन्हें मानवीय और विधिक सहायता प्रदान करता है।

मौजूदा स्थिति में 270 मछुआरे पाकिस्तान की हिरासत में माने जाते हैं, लेकिन पाकिस्तान 207 लोगों के हिरासत में होने की पुष्टि कर रहा है। भारतीय मछुआरों के पकड़े जाने की रिपोर्ट प्राप्त होते ही सरकार तत्काल राजनयिक माध्यम से मामले को पाकिस्तान के समक्ष उठाती है।


पाकिस्तान सरकार से मछुआरों व उनकी नौकाओं की रिहाई की मांग की जाती है। केंद्र सरकार ने 2014 से लेकर अब तक 21 सौ भारतीय मछुआरों की सुरक्षित रिहाई एवं देश वापसी में सफलता हासिल की है।

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