अंडमान: हैवलॉक पर बारिश के बीच फंसे 1400 पर्यटक, बचाव में जुटी नौसेना
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अंडमान के ‘हेवलॉक’ और ‘नील’ द्वीप में भारी बारिश और तूफान के चलते करीब 1400 पर्यटक फंस गए हैं। उन्हें निकालने के लिए बुधवार को नौसेना के चार पोतों को लगाया गया है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में अगले 48 घंटे भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के कारण इन द्वीपों पर कभी भी बड़ा तूफान आ सकता है।
भारी बारिश, तेज हवा और समुद्री हिलोरों के चलते यहां बाढ़ के हालात बन गए हैं। पर्यटकों के लिए भारतीय नौसेना ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन खराब मौसम के चलते यहां हवाई जहाज व चौपर सेवा रोक दी गई है।
इस बीच कई इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट संपर्क भी टूट गया है। मौसम विभाग ने पहले ही ‘एल-1 डिजास्टर’ को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी। अंडमान में ‘हेवलॉक’ और ‘नील’ द्वीप पर्यटकों की पहली पसंद होते हैं। इस कारण यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आए हुए थे।
बारिश के चलते यहां हवाई उड़ानें भी प्रभावित हुई है। रातभर हुई तेज बारिश ने पूरे द्वीप का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि राजधानी से 40 किमी दूर स्थित हेवलॉक और नील द्वीप पर चक्रवाती तूफान कभी भी आ सकता है।
सेना ने भेजे चार जहाज
रक्षा सीपीआरओ एसएस बिरडी ने कहा कि द्वीप में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए भारतीय नौसेना के पोत बित्रा, बंगारम, कुंभीर व एलसीयू-38 को तैनात किया गया है। हेवलॉक और नील द्वीप से लगे 10 गांव भी इस चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित हैं। इसके चलते यहां जरूरी चीजों की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि यहां फंसने वाले पर्यटकों की संख्या 1400 के आसपास है। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना ने अपने चार जहाज पर्यटकों को वहां से निकालने के लिए भेजे हैं। अधिकारी ने कहा कि पोत बंदरगाह के बाहर पर्यटकों का इंतजार कर रहे हैं।
पर्यटकों को निकालने का काम प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन उन्हें हैवलॉक से अंडमान लाने की कोशिश जल्द शुरू की जाएंगी। भोजन, पानी, दवा और डॉक्टरों के साथ ही गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारियों को भी पोत पर लाया जा रहा है ताकि राहत मुहैया कराई जा सके।