R-Day: गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने बांधा लाल-पीले रंग का साफा; कर्तव्य पथ से दिया स्वच्छता का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुरंगी ‘बांधनी’ प्रिंट का साफा पहना था। इससे पहले 2023 में मोदी ने कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने कई रंगों वाला राजस्थानी शैली का साफा चुना था, जिसका अंतिम छोर (छेला) कमर के नीचे तक लंबा था।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 76वें गणतंत्र दिवस पर खास अंदाज में नजर आए। उन्होंने सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ गहरे भूरे रंग का बंद गले का कोट और लाल-पीले रंग का साफा पहना। इसके साथ ही उन्होंने विशेष अवसरों पर चमकीला और रंग-बिरंगा साफा पहनने की अपनी परंपरा को जारी रखा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुरंगी ‘बांधनी’ प्रिंट का साफा पहना था।
बांधनी एक प्रकार का टाई-डाई कपड़ा होता है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। यह एक ऐसी विधि है, जिसमें कपड़े को बांधकर व गांठ लगाकर रंगाई की जाती है। जार्जेट, शिफान, रेशमी व सूती कपड़े को रंग के कुंड में डालने से पहले धागे से कसकर बांधा जाता है और जब इस धागे को खोला जाता है तो बंधा हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है। फिर हाथ से कपड़े पर धागे के प्रयोग से डिजाइन तैयार किया जाता है।
पीएम मोदी ने दिया स्वच्छता का संदेश
इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य पथ से देश को स्वच्छता का संदेश भी दिया। दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अगुआनी करते वक्त उन्हें रास्ते में कुछ पड़ा हुआ मिला। पीएम मोदी ने उसे तुरंत ही उठाकर पास खड़े सुरक्षाकर्मी को दे दिया। हजारों लोगों की मौजूदगी में इस कदम ने सार्वजनिक स्थानों को साफ बनाए रखने में स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व की अहमियत समझाई।
𝐓𝐡𝐞 𝐁𝐫𝐚𝐧𝐝 𝐀𝐦𝐛𝐚𝐬𝐬𝐚𝐝𝐨𝐫 𝐨𝐟 𝐒𝐰𝐚𝐜𝐡𝐡 𝐁𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭 - 𝐏𝐌 @narendramodi!
— MyGovIndia (@mygovindia) January 26, 2025
During the Republic Day event at Kartavya Path, PM Modi demonstrated the importance of cleanliness by picking up waste while receiving the Vice President. #RepublicDay2025… pic.twitter.com/LyTKvfamPM
2023 में मोदी ने कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था
इससे पहले 2023 में मोदी ने कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था। इस साल 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने कई रंगों वाला राजस्थानी शैली का साफा चुना था, जिसका अंतिम छोर (छेला) कमर के नीचे तक लंबा था। प्रचंड बहुमत के साथ दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटने के बाद 2019 में मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपना छठा स्वतंत्रता दिवस भाषण देते हुए बहुरंगी साफा पहना था। राजस्थानी साफा या पगड़ी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के लिए प्रधानमंत्री की पसंद रहे हैं।
2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण के अवसर पर उन्होंने चमकीले लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना। साल 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने बहुरंगी लहरिया पीला साफा और 2016 में गुलाबी और पीले रंग का टाई-एंड-डाई साफा पहना था। 2017 में प्रधानमंत्री का साफा चमकीले लाल और पीले रंग का मिश्रण था। इसमें चारों ओर सुनहरी रेखाएं थीं। उन्होंने 2018 में लाल किले पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए केसरिया साफा पहना था। कच्छ के चमकीले लाल रंग के बांधनी साफे से लेकर पीले रंग का राजस्थानी साफा, गणतंत्र दिवस पर मोदी के पहनावे के प्रमुख आकर्षण रहे हैं।
2022 में पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए उत्तराखंड की एक अद्वितीय पारंपरिक टोपी चुनी थी। इस टोपी में ब्रह्मकमल बना हुआ था। ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है, जिसे प्रधानमंत्री केदारनाथ की हर यात्रा पर इस्तेमाल करते रहे हैं। इससे पहले 2021 में मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पीले बिन्दुओं वाली ‘हालारी’ पगड़ी पहनी थी। इसे जामनगर के शाही परिवार के जामसाहब की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किया गया था।