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आत्मनिर्भर भारत: घरेलू उद्योगों से होगी 75% रक्षा खरीद, एयरो इंडिया-2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ ने किया एलान
Thu, 16 Feb 2023 07:27 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बंगलूरू
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 16 Feb 2023 07:27 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने 2020-21 में रक्षा पूंजी खर्च का 58 प्रतिशत भारतीय रक्षा उद्योग से खरीद के लिए अलग रखा था। 2021-22 में इसे बढ़ाकर 64 फीसदी किया गया था। 2022-23 में आवंटन को और बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया गया।
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : Social Media
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विस्तार
रक्षा खरीद के लिए तय कुल बजट का 75 फीसदी घरेलू उद्योगों पर ही खर्च होगा। इस फैसले के बाद अब करीब 1,00,000 करोड़ रुपये अलग रखे जाएंगे। इस राशि से सैन्य प्लेटफॉर्म और उपकरणों की खरीद की जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को एयरो इंडिया-2023 में देश की नियति तैयार करने का मंत्र देते हुए आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने के लिए फैसले का एलान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत जल्द ही नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल होगा और पूरी दुनिया के लिए प्रकाश स्तंभ के रूप में उभरेगा। वार्षिक रक्षा नवाचार कार्यक्रम ‘मंथन’ का उद्घाटन करने के बाद सिंह ने कहा, अगर हमें अगली पीढ़ी की औद्योगिक क्रांति लानी है, तो हमें या तो नई चीजें करनी चाहिए या मौजूदा चीजों को नए तरीके से करने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें आत्मनिर्भरता बहुत महत्वपूर्ण है। भारत के आजाद होने पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण की ओर इशारा करते हुए सिंह ने कहा, आजादी के 75 साल बाद आज हमें ‘अपनी नियति बनाएं’ के रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका मिला है। अब से हमारा मंत्र ‘डिजाइन अवर डेस्टिनी’ होना चाहिए, यानी हम अपने प्रयास, क्षमता और संकल्प के साथ अपनी नियति बनाएं।
1,00,000 करोड़ का होगा प्रावधान
अगले 25 वर्ष में भारत को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनाना है। हमें दुनिया की विज्ञान और प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनकर उभरना है। इसके लिए अमृत काल सबसे उत्तम वक्त है और युवा देश की नियति के सर्वश्रेष्ठ निर्माता हैं। -राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
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सरकार हर साल बढ़ा रही पैमाना
केंद्र सरकार ने 2020-21 में रक्षा पूंजी खर्च का 58 प्रतिशत भारतीय रक्षा उद्योग से खरीद के लिए अलग रखा था। 2021-22 में इसे बढ़ाकर 64 फीसदी किया गया था। 2022-23 में आवंटन को और बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया गया।
80 हजार करोड़ की कारोबारी संभावनाएं
रक्षा उत्पाद, तकनीक हस्तांतरण, सहयोग व रखरखाव को लेकर एयरो इंडिया में 266 घोषणाएं हुईं। इनमें 201 एमओयू, 53 बड़ी घोषणाएं और 9 प्रोडक्ट लॉन्च शामिल हैं। इनके जरिये करीब 80 हजार करोड़ की कारोबारी संभावनाएं देखी जा रही है।
आईएचएच के लिए जुटाए 200 करोड़
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘आईडीईएक्स इन्वेस्टर हब’ (आईएचएच) लॉन्च किया। प्रमुख भारतीय निवेशकों ने पहले ही दिन इसके लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए हैं। राजनाथ ने ‘साइबर सुरक्षा’ पर ‘डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज (डिस्क 9)’ के नौवें संस्करण का भी शुभारंभ किया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को एयरो इंडिया-2023 में देश की नियति तैयार करने का मंत्र देते हुए आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने के लिए फैसले का एलान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत जल्द ही नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल होगा और पूरी दुनिया के लिए प्रकाश स्तंभ के रूप में उभरेगा। वार्षिक रक्षा नवाचार कार्यक्रम ‘मंथन’ का उद्घाटन करने के बाद सिंह ने कहा, अगर हमें अगली पीढ़ी की औद्योगिक क्रांति लानी है, तो हमें या तो नई चीजें करनी चाहिए या मौजूदा चीजों को नए तरीके से करने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें आत्मनिर्भरता बहुत महत्वपूर्ण है। भारत के आजाद होने पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण की ओर इशारा करते हुए सिंह ने कहा, आजादी के 75 साल बाद आज हमें ‘अपनी नियति बनाएं’ के रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका मिला है। अब से हमारा मंत्र ‘डिजाइन अवर डेस्टिनी’ होना चाहिए, यानी हम अपने प्रयास, क्षमता और संकल्प के साथ अपनी नियति बनाएं।
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1,00,000 करोड़ का होगा प्रावधान
अगले 25 वर्ष में भारत को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनाना है। हमें दुनिया की विज्ञान और प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनकर उभरना है। इसके लिए अमृत काल सबसे उत्तम वक्त है और युवा देश की नियति के सर्वश्रेष्ठ निर्माता हैं। -राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
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सरकार हर साल बढ़ा रही पैमाना
केंद्र सरकार ने 2020-21 में रक्षा पूंजी खर्च का 58 प्रतिशत भारतीय रक्षा उद्योग से खरीद के लिए अलग रखा था। 2021-22 में इसे बढ़ाकर 64 फीसदी किया गया था। 2022-23 में आवंटन को और बढ़ाकर 68 प्रतिशत कर दिया गया।
80 हजार करोड़ की कारोबारी संभावनाएं
रक्षा उत्पाद, तकनीक हस्तांतरण, सहयोग व रखरखाव को लेकर एयरो इंडिया में 266 घोषणाएं हुईं। इनमें 201 एमओयू, 53 बड़ी घोषणाएं और 9 प्रोडक्ट लॉन्च शामिल हैं। इनके जरिये करीब 80 हजार करोड़ की कारोबारी संभावनाएं देखी जा रही है।
आईएचएच के लिए जुटाए 200 करोड़
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘आईडीईएक्स इन्वेस्टर हब’ (आईएचएच) लॉन्च किया। प्रमुख भारतीय निवेशकों ने पहले ही दिन इसके लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए हैं। राजनाथ ने ‘साइबर सुरक्षा’ पर ‘डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज (डिस्क 9)’ के नौवें संस्करण का भी शुभारंभ किया।