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GST से आये 7.19 लाख करोड़ रुपये, राज्यों को हुए नुकसान की भरपाई करेगा केंद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 27 Apr 2018 07:34 PM IST
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वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली के तहत वर्ष 2017-18 में आठ महीने के दौरान सरकार को कुल 7.19 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व मिला है। अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में आजादी के बाद से सबसे बड़े कर सुधार जीएसटी को बीते एक जुलाई से देश भर में लागू किया गया था। केंद्रीय वित्त मंत्रालय से यहां शुक्रवार को जारी एक बयान के मुताबिक आलोच्य अवधि में सीजीएसटी मद में 1.19 लाख करोड़ रुपये, एसजीएसटी मद में 1.72 लाख करोड़ रुपये, आईजीएसटी मद में 3.66 लाख करोड़ रुपये और सेस के मद में 62021 करोड़ रुपये मिले।
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जुलाई 2017 की कर वसूली को भी मिला दिया जाए तो यह 7.41 लाख करोड़ रुपये बैठता है
आईजीएसटी मद में मिली राशि में 1.73 लाख करोड़ रुपये आयातित वस्तुओं पर मिला, जबकि सेस मद में 5,702 करोड़ रुपये आयातित वस्तुओं पर मिले। इन महीनों के लिए औसत मासिक जीएसटी राजस्व 89,885 करोड़ रुपये का रहा। उल्लेखनीय है कि जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र और राज्यों के ढेर सारे अप्रत्यक्ष कर जीएसटी में समाहित हो गए हैं। बयान के मुताबिक यूं तो पिछले वर्ष अगस्त-मार्च अवधि में कुल कर संग्रह 7.19 लाख करोड़ रुपए रहा है, लेकिन इसमें जुलाई 2017 में हुए कर संग्रह को मिला दिया जाए तो वर्ष 2017-18 में कुल जीएसटी संग्रह 7.41 लाख करोड़ रुपए रहा। ये आंकड़े अस्थायी हैं।
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89,885 करोड़ रुपये रहा औसत मासिक जीएसटी राजस्व
वित्त मंत्रालय के मुताबिक उपरोक्त अवधि में राज्यों को एसजीएसटी और आईजीएसटी की हिस्सेदारी के रूप में कुल 2.91 लाख करोड़ रुपये दिये गए। 2017-18 के आठ महीनों में राज्यों को क्षतिपूर्ति के रूप में कुल 41,147 करोड़ रुपए दिए गए हैं। गौरतलब है कि जीएसटी व्यवस्था में राज्यों को पांच साल तक राजस्व हानि की भरपाई केंद्र करेगा। राजस्व हानि की गणना के लिए 2015-16 की कर आय को आधार बनाते हुए उसमें सालना औसत 14 फीसदी की वृद्धि को सामान्य संग्रह माना गया है।
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