फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   644 militants surrender in Assam, 177 arms handed over

असम में 644 उग्रवादियों का आत्मसमर्पण, 177 हथियार भी सौंपे

Thu, 23 Jan 2020 10:53 PM IST
देव कश्यप एजेंसी, गुवाहाटी
एजेंसी, गुवाहाटी Published by: देव कश्यप Updated Thu, 23 Jan 2020 10:53 PM IST
विज्ञापन
644 militants surrender in Assam, 177 arms handed over
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

असम में सरकार को गुरुवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आठ प्रतिबंधित संगठनों के कुल 644 उग्रवादियों ने 177 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के मुताबिक, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ बंगाली (एनएलएफबी), आदिवासी ड्रैगन फाइटर (एडीएफ), नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी (एनएसएलए), यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंस (यूएलएफए-आई), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी), कामतापुर लिबरेशन आर्गेनाइजेशन (केएलओ), रवा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (आरएनएलएफ) और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-माओवादी (सीपीआई-एम) के सदस्य रहे इन उग्रवादियों ने एक कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।

विज्ञापन


पुलिस महानिदेशक ज्योति महंत ने बताया कि यह राज्य और असम पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। कुल मिलाकर 644 कैडर और आठ उग्रवादी समूहों के नेताओं ने हथियार डाल दिए। उन्होंने कहा कि यह हाल के दिनों में उग्रवादियों के सबसे बड़े आत्मसमर्पण में से एक है। महंत ने बताया कि इन उग्रवादियों ने एके- 47 और एके-56 जैसे कई हथियार सौंपे हैं। 177 हथियारों के अलावा उग्रवादियों ने 58 मैगजीन, 1.93 किलो विस्फोटक, 52 ग्रेनेड, 71 बम, तीन रॉकेट लॉन्चर, 306 डेटोनेटर, दो आरटी सेट और 17 खुखरी भी सौंपी।

विज्ञापन

सबसे ज्यादा एनएलएफबी के 301 उग्रवादियों ने किया समर्पण

सबसे ज्यादा एनएलएफबी के 301 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इसके बाद एडीएफ के 178, एनएसएलए के 87, उल्फा-आई के 50, एनडीएफबी के 8, केएलओ के 6, आरएनएलएफ के 13 और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के एक उग्रवादी ने सरेंडर किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस माह ही शुरू हुई थी शांति प्रक्रिया

सोनोवाल सरकार ने केंद्र सरकार के अफसरों के साथ इस महीने के शुरुआत में एनडीएफबी के नेताओं के साथ शांति के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया था। समझौते के मुताबिक, एनडीएफबी सरगना बी साओराईगवरा समेत सभी उग्रवादी संगठनों के नेता हिंसक गतिविधियां रोकने पर सहमत हुए थे और सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल होने की सहमति जताई थी। इस वार्ता में शामिल होने के लिए साओराईगवरा के साथ एनडीएफबी के कई सक्रिय सदस्य 11 जनवरी को म्यांमार से भारत आए थे।

दिसंबर में भी हो चुका है समर्पण

इसके पहले साल 2019 के आखिरी महीने दिसंबर में 240 से अधिक उग्रवादियों ने समर्पण किया था। आठ दिसंबर से लेकर पिछले तीन सप्ताह के दौरान असम में 240 से अधिक उग्रवादियों ने समर्पण किया है। ये उग्रवादी पिछले एक दशक से दक्षिणी असम, मिजोरम और उत्तरी त्रिपुरा में अपहरण और हत्याओं सहित कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।

ब्रू रियांग जनजाति के 34,000 लोगों को त्रिपुरा में बसाने पर हुआ था समझौता

इससे पहले इसी साल 16 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में ब्रू रियांग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत मिजोरम और त्रिपुरा में पिछले 23 साल से चली आ रही ब्रू रियांग समस्या का अंत हो गया। अब ब्रू रियांग जनजाति के लगभग 34000 लोगों को त्रिपुरा में ही बसाया जाएगा, इसके लिए त्रिपुरा सरकार जमीन भी दे रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed