{"_id":"5adf59584f1c1b3b0b8b64f2","slug":"5500-dead-enlisted-in-voter-list-of-kolaras-assembly-constituency-of-madhya-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: मतदाता सूची में सामने आईं चौंकाने वाली गड़बड़ियां, 5,500 मृतकों के नाम दर्ज","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मध्य प्रदेश: मतदाता सूची में सामने आईं चौंकाने वाली गड़बड़ियां, 5,500 मृतकों के नाम दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Tue, 24 Apr 2018 09:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश की कोलारस विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं। सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए एक पत्र के मुताबिक, इस विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में 5,500 से ज्यादा मृत लोगों के नाम मतदाता के तौर पर दर्ज हैं। इतना ही नहीं 1,900 लोगों के नाम तो सूची में कई बार दर्ज हैं।
विज्ञापन
5,537 मृत मतदाताओं के नाम दर्ज, 1,918 लोगों के नाम की कई बार एंट्री
बीते 24 फरवरी को मध्य प्रदेश की इस विधानसभा सीट पर हुए थे उपचुनाव
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसी सीट पर हाल ही में 24 फरवरी को उपचुनाव हुए थे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह ने इस पत्र को इस महीने की शुरुआत में चुनाव आयोग को भेजा था। उन्होंने इस लापरवाही के लिए जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि उपचुनाव के दौरान, मतदाता सूची में 5,537 मृत मतदाताओं के नाम दर्ज थे जबकि 1,918 लोगों के नाम की एंट्री कई बार पाई गई।
विज्ञापन
कोलारस विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में चौंकाने वाली गड़बड़ियां आई सामने
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग को भेजा इस त्रुटि को लेकर पत्र
चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बूथ स्तर के अधिकारियों और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, यहां तक कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने ठीक से लिस्ट की निगरानी नहीं की। सलीना सिंह की ओर से कहा गया है कि यदि कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी ने लगातार मतदाता सूची की समीक्षा की होती, विशेषकर उपचुनाव से पहले, तो इस त्रुटि से बचा जा सकता था।
विज्ञापन