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गुजरात में BJP की सभाओं की संख्या पहुंची 550 के पार, मोदी ने 34 तो शाह ने की 31 सभाएं
संजय मिश्र / नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:52 PM IST
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मोदी
- फोटो : SELF
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गुजरात विधानसभा चुनाव की जंग जीतने के लिए पीएम मोदी ने 34 चुनावी सभाओं को संबोधित किया है। 27 नवंबर को पहली चुनावी सभा संबोधित करने के बाद पीएम मोदी की चुनावी रैलियों का जो सिलसिला शुरू हुआ। वह 12 दिसंबर को सीप्लेन सवारी के दौरे से समाप्त हुआ। इस दौरान राज्य के अलग-अलग विधानसभाओं में पीएम मोदी ने कुल 34 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उनकी अंतिम चुनावी सभा अहमदाबाद में संपन्न हुई। वैसे पूरे चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के चुनावी सभाओं की संख्या 550 के पार पहुंच गई हैं।
पीएम मोदी के बाद सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की हुई हैं। शाह ने 21 नवंबर के बाद से 31 चुनावी सभाओं को संबोधित किया है। पार्टी के अन्य नेताओं में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, पुरूषोत्तम रूपाला, पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अच्छी संख्या में चुनावी सभाओं को संबोधित किया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी की ओर से करीब 42 नेताओं के चुनावी सभा आयोजित करवाए गए। इसमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों का नाम भी शामिल है।
पढ़ें भूमंडलीकरण वाले गुजरात का मंडलीकरण
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पीएम मोदी के बाद सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की हुई हैं। शाह ने 21 नवंबर के बाद से 31 चुनावी सभाओं को संबोधित किया है। पार्टी के अन्य नेताओं में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, पुरूषोत्तम रूपाला, पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अच्छी संख्या में चुनावी सभाओं को संबोधित किया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी की ओर से करीब 42 नेताओं के चुनावी सभा आयोजित करवाए गए। इसमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों का नाम भी शामिल है।
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रैलियों के जरिए जनता को लुभाने का चला भाजपा ने दांव
Amit Shah
- फोटो : reuters
पाटीदार आंदोलन से नेता बनकर उभरे हार्दिक पटेल के असर को बेअसर करने के लिए भाजपा ने सीधे जनता को अपनी बात समझाने की रणनीति पर अपना ध्यान केंद्रित किया। अपने बड़े नेताओं की चुनावी रैली के जरिए भाजपा ने अपने सरकार के विकास कार्यों को गिनाते हुए पाटीदार आरक्षण के मामले से लेकर जीएसटी और नोटबंदी तक के मामलों पर जनता का भ्रम दूर करने का प्रयास किया। पार्टी की रणनीति रही कि उसकी बात अधिक से अधिक जनता के बीच पहुंच जाए। इसलिए पार्टी ने ज्यादा से ज्यादा चुनावी सभाएं आयोजित कीं।
पीएम मोदी की सभा 31 से बढ़ाकर 34 की गईं। तो अन्य नेताओं को भी मैदान में झोंका गया। पार्टी के चुनाव अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने दावे से कहा कि जो व्यक्ति पीएम मोदी की सभा में उपस्थित हो जाएगा। उसका वोट भाजपा के लिए पक्का हो जाएगा। इसलिए भाजपा ने पीएम मोदी की चुनावी सभाओं में भीड़ का पुख्ता इंतजाम भी किया। पार्टी का दावा है कि पीएम की सभी सभाओं में भीड़ की संख्या 25 से 35 हजार के करीब रही। पार्टी ने 5 से 6 सीटों के बीच पीएम मोदी की एक रैली का आयोजन रखा। ताकि जनता के बीच आसानी से उनकी बात पहुंच सके।
गुजराती में ही बोले पीएम मोदी
गुजरात की जनता तक अपनी बात को आसानी से पहुंचाने के लिए पीएम मोदी ने लगभग अपने सभी चुनावी सभाओं में भाषण गुजराती भाषा में ही दिया। ताकि जनता के बीच वे अपनी बात आसानी से पहुंचा सकें। हालांकि इस मामले में कांग्रेस पार्टी कमजोर दिखाई पड़ी।
पीएम मोदी की सभा 31 से बढ़ाकर 34 की गईं। तो अन्य नेताओं को भी मैदान में झोंका गया। पार्टी के चुनाव अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने दावे से कहा कि जो व्यक्ति पीएम मोदी की सभा में उपस्थित हो जाएगा। उसका वोट भाजपा के लिए पक्का हो जाएगा। इसलिए भाजपा ने पीएम मोदी की चुनावी सभाओं में भीड़ का पुख्ता इंतजाम भी किया। पार्टी का दावा है कि पीएम की सभी सभाओं में भीड़ की संख्या 25 से 35 हजार के करीब रही। पार्टी ने 5 से 6 सीटों के बीच पीएम मोदी की एक रैली का आयोजन रखा। ताकि जनता के बीच आसानी से उनकी बात पहुंच सके।
गुजराती में ही बोले पीएम मोदी
गुजरात की जनता तक अपनी बात को आसानी से पहुंचाने के लिए पीएम मोदी ने लगभग अपने सभी चुनावी सभाओं में भाषण गुजराती भाषा में ही दिया। ताकि जनता के बीच वे अपनी बात आसानी से पहुंचा सकें। हालांकि इस मामले में कांग्रेस पार्टी कमजोर दिखाई पड़ी।