Odisha Train Accident: अभी तक नहीं हो पाई 52 पीड़ितों की पहचान, BMC ने किया दो शवों का अंतिम संस्कार
ओडिशा के बालासोर जिले में 2 जून को एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ था। इस हादसे में 293 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में जान गवाने वाले 81 लोगों की पहचान न होने की वजह से उनके शव एम्स भुवनेश्वर में रखे गए थे। फिलहाल, 29 शवों की पहचान हो चुकी है।
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ओडिशा के बालासोर जिले में 2 जून को एक भीषण ट्रेन हादसे में जान गवाने वालों में से 50 से अधिक शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। यह शव भुवनेश्वर की एम्स में रखे गए हैं। वहीं, भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने सत्य नगर स्थित श्मशान में दो पीड़ितों के अवशेषों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
अधिकारी ने बताया कि एम्स भुवनेश्वर में 81 शव रखे गए थे। इनमें से 29 शवों की डीएनए जांच से पहचान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 29 में से 22 शवों का अभी तक अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में एम्स भुवनेश्वर में ट्रेन दुर्घटना पीड़ितों के 52 शव हैं। रविवार को दो पीड़ितों के शवों का अंतिम संस्कार किया, जिनकी पहचान झारखंड के रहने वाले 31 वर्षीय दिनेश यादव और 23 साल के बिहार निवासी सुरेश रे के रूप में हुई है।
अधिकारी ने बताया कि तीन शवों को उनके घर ले जाने की व्यवस्था की थी। एक शव को बिहार में मृत व्यक्ति के पैतृक गांव ले जाया गया, जबकि दो अन्य पीड़ितों के परिवार ने लंबी यात्रा को देखते हुए शव ले जाने से इनकार कर दिया। बाद में दोनों पीड़ितों के परिवारों ने बीएमसी को शवों का अंतिम संस्कार भुवनेश्वर में करने की अनुमति दी।
एक ही शव के लिए कई दावे होने के कारण नमूनों को डीएनए जांच के लिए भेजा गया था। बाकी 52 शवों के बारे में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि डीएनए टेस्ट के नतीजे दो तीन दिन में आ जाएंगे।
गौरतलब है, ओडिशा के बालासोर जिले में 2 जून यानी शुक्रवार को एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ था। बहनागा रेलवे स्टेशन के पास तीन ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई थी। इस हादसे में 293 लोगों में से 287 की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य ने बाद में दम तोड़ दिया।