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23 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में हैदराबाद में 50 साल का व्यक्ति गिरफ्तार
Sun, 14 Jul 2019 12:35 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Sun, 14 Jul 2019 12:35 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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तेलंगाना के हैदराबाद में इकोनॉमिक ओफैंस विंग (ईओडब्लू) ने एक 50 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कथित तौर पर एक वाहन फाइनेंसिंग कंपनी से 23 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। उसने धोखे से विभिन्न खरीददारों के नाम से 1164 वाहनों के लिए ऋण लिया था। इन पैसों का इस्तेमाल उसने अपने निजी काम पर किया।
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डीसीपी पराग मानेरे ने इस बात की पुष्टि की है कि आरोपी पदमराज पारेख को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और मुंबई लाया गया। वह हैदराबाद की अमोलक इन्वेस्टमेंट कंपनी का मालिक है।
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मार्च 2018 में शिकायतकर्ता कंपनी के सुपरवाइजर विनोद सोलकर ने अमोलक इन्वेस्टमेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया है कि एक फरवरी, 2014 से 28 फरवरी, 2017 के बीच आरोपी ने कथित तौर पर उनकी कंपनी से 23.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
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पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता कंपनी वाहनों के लिए ऋण उपलब्ध करवाती है। आवेदकों को ये ऋण रेवेन्यू शेयरिंग पार्टनर (आरएसपी) के माध्यम से मिलता है। यानी जांच के बाद कपंनी द्वारा अधीकृत किया गया कोई व्यक्ति या फिर कंपनी। आरएसपी फाइनेंस कंपनी के पास आवेदन भेजते हैं। शिकायतकर्ता कंपनी ने भी आरोपी कंपनी को आरएसपी के तौर पर नियुक्त किया हुआ था।
आरोपी की अमोलक इन्वेस्टमेंट कंपनी की ओर से जो हजारों आवेदन दिए गए थे उनके आधार पर फाइनेंसिंग कंपनी ने ऋण दे दिया। लेकिन 1164 ऋण आवेदकों की ओर से ईएमआई का भुगतना ही नहीं किया गया। जब जांच की गई तो पता चला कि इन आवेदकों के घरों के जो पते दिए गए हैं, वहां उस नाम का कोई रहता ही नहीं है।
इंस्पेक्टर दिलीप दयानगड़ा का कहना है कि जिन लोगों के दस्तावेज दिए गए थे, उन्हें खुद इस बात का पता नहीं है कि कैसे उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है। आरोपी ने ऋण लेने के लिए कुछ जाली दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया था।