फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   50 percent Indians are lazy, do not do physical labor; women lag behind in physical activities

Health: 50 फीसदी भारतीय आलसी, नहीं करते शारीरिक श्रम; 57 प्रतिशत महिलाएं शारीरिक गतिविधियों में पीछे

Thu, 27 Jun 2024 04:48 AM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Thu, 27 Jun 2024 04:48 AM IST
सार

द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक भारत के 50 फीसदी लोग आलसी हैं और शारीरिक श्रम नहीं करते हैं। वहीं शारीरिक गतिविधियों में महिलाएं पीछे हैं।


 

विज्ञापन
50 percent Indians are lazy, do not do physical labor; women lag behind in physical activities
eye Health - फोटो : istock

विस्तार

देश के करीब 50 फीसदी बालिग आलसी हैं, जो आवश्यकता के अनुरूप शारीरिक परिश्रम नहीं करते। महिलाओं की स्थिति पुरुषों की तुलना में और भी खराब है। अगर स्थिति यही रही, तो 2030 तक 60 फीसदी भारतीय विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाएंगे। यहां शारीरिक श्रम का अर्थ है कि लोग व्यायाम नहीं करते, पैदल नहीं चलते या दौड़ते नहीं हैं। इससे सेहत से जुड़े जोखिम बढ़े हैं।
विज्ञापन


द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, दक्षिण एशिया में अधिकतर वयस्क व्यायाम व अन्य शारीरिक गतिविधियों के मामले में बेहद सुस्त हैं। भारत में 57 फीसदी महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं, जबकि ऐसे पुरुष वयस्कों की संख्या 42 फीसदी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित शोधकर्ताओं की टीम ने कहा, बालिगों के शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होने के मामले में भारत उच्च आय वाले एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है। भारत में 2000 में 22 फीसदी वयस्क शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं थे। 2010 में यह संख्या 34 फीसदी व अब 50 फीसदी पहुंच गई है। 2030 तक 60 % वयस्कों पर मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा है।
विज्ञापन


बीमारियों का खतरा, स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों पर बोझ
लबे समय तक शारीरिक निष्क्रियता से मधुमेह और हृदय रोग सहित अन्य गैर-संचारी रोगों का खतरा बढ़ जाता है। सुस्त जीवनशैली के कारण होने वाली ये बीमारियां दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों पर बोझ बढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


10 करोड़ भारतीय मधुमेह से पीड़ित
द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-इंडिया डायबिटीज अध्ययन के मुताबिक, भारत में 2021 में 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित थे। उसी साल करीब 31.5 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रहे।

दुनियाभर में आलसी बालिग 31.3 फीसदी
अध्ययन में दावा है कि दुनियाभर में शारीरिक गतिविधियों में पीछे रहने वाले वयस्कों की संख्या 5 फीसदी बढ़कर 31.3 फीसदी हो गई है। 2010 में 26.4 फीसदी वयस्क शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं थे। अगर यह ट्रेंड आगे भी जारी रहा तो शारीरिक गतिविधियों में 15 फीसदी सुधार करने का वैश्विक लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।

शारीरिक रूप से पीछे रहने का मतलब : कोई भी वयस्क अगर हर सप्ताह कम-से-कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता या प्रति सप्ताह 75 मिनट जोरदार-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि नहीं करता है तो वह शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं है।

शोधकर्ताओं ने वर्ष 2000 से 2022 तक 197 देशों में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि करने वाले बालिगों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए जनसंख्या आधारित सर्वेक्षणों का विश्लेषण किया है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed