फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   5-year-old Music maestro: Dhritishman of Assam won Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar

पांच साल का संगीत उस्ताद: असम के धृतिश्मान ने जीता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, प्रतिभा से दिग्गज हैरान

Tue, 25 Jan 2022 12:18 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 25 Jan 2022 12:18 PM IST
सार

मात्र तीन साल की उम्र में  धृतिश्मान चक्रवर्ती सबसे छोटा बहुभाषायी गायक बनकर उभरा था। उसका यह रिकॉर्ड इंडिया बुक आफ रेकॉर्ड्स में दर्ज है। वह ड्रम बजाने का भी शौकीन है। 

विज्ञापन
5-year-old Music maestro: Dhritishman of Assam won Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar
पांच साल का संगीत उस्ताद धृतिश्मान चक्रवर्ती - फोटो : social media

विस्तार

असम के पांच साल के धृतिश्मान चक्रवर्ती की संगीत प्रतिभा ने देशभर के लोगों को हैरान कर दिया है। वह असमी, हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, मराठी, कन्नड़, संस्कृत, सिंहली आदि भाषाओं में गा सकता है। उसे सोमवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2022 से सम्मानित किया गया है।

विज्ञापन


मात्र तीन साल का धृतिश्मान का गायन बड़े व दिग्गजों को भी चुनौतीपूर्ण लग सकता है। असम के नजीरा शहर की ओएनजीसी कॉलोनी में रहने वाले चक्रवर्ती परिवार का यह बालक आधा दर्जन से अधिक भाषाओं में गा सकता है। मात्र तीन साल की उम्र में वह सबसे छोटा बहुभाषायी गायक बनकर उभरा था। उसका यह रिकॉर्ड इंडिया बुक आफ रेकॉर्ड्स में दर्ज है। वह ड्रम बजाने का भी शौकीन है। 
विज्ञापन


ब्लॉकचेन तकनीक से दिया गया पुरस्कार
सोमवार को असम के शिवसागर जिले में आयोजित कार्यक्रम में धृतिश्मान को सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा बालक के पिता देबोजीत व मां सोनम चक्रवर्ती भी मौजूद थे। नन्हे संगीत उस्ताद को पुरस्कार ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी से प्रदान किया गया जबकि पुरस्कार राशि उसके खाते में हस्तांतरित की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम मोदी ने बाल विजेताओं से की वर्चुअली बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष के पीएमआरबीपी पुरस्कार विजेता बच्चों से वर्चुअल तरीके से बात की। उन्होंने इन विजेताओं को वर्चुअल तरीके से प्रमाण पत्र प्रदान किए। कोविड-19 के खतरों को देखते हुए समारोह वर्चुअल तरीके से आयोजित किया गया। 

इस साल 29 बच्चों को इस पुरस्कार से नवाजा गया है। इनमें 14 लड़कियां हैं। पुरस्कार छह क्षेत्रों, इनोवेशन, स्कूली उपलब्धियों, खेल, कला व संस्कृति, समाज सेवा व बहादुरी के लिए दिए गए। प्रत्येक विजेता को पदक, 1 लाख रुपये की नकद राशि व एक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed