Haj Yatra: इस साल भारत से बिना पुरुष साथी के हज पर जाएंगी 5162 महिलाएं, किस राज्य कितनी महिलाएं
Haj Yatra: भारत की हज समिति ने बताया कि इस साल हज के लिए सत्तर साल से अधिक आयु की 6,370 महिलाओं से आवेदन मिले हैं। इसके अलावा, 5,162 महिलाएं भी 'मेहरम' (पुरुष साथी) के बिना धार्मिक यात्रा पर जाना चाहती हैं।
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भारत की हज समिति ने पवित्र शहर मक्का की धार्मिक यात्रा के लिए साल 2018 के बाद सबसे बड़ा सुधार किया है। इसके तहत, हज यात्रा के लिए महिला के साथ एक पुरुष साथी को ले जाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। इस साल कुल 5,162 महिलाएं 'मेहरम' के बिना हज पर जाएंगी।
समिति ने बताया कि इस साल हज के लिए सत्तर साल से अधिक आयु की 6,370 महिलाओं से आवेदन मिले हैं। इसके अलावा, 5,162 महिलाएं भी 'मेहरम' (पुरुष साथी) के बिना धार्मिक यात्रा पर जाना चाहती हैं।
हज समिति को मिले कुल 1,74,117 आवेदन
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में हज समिति ने सोमवार के लकी ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी की। हालांकि, उन महिलाओं के आवेदन स्वीकार कर लिए गए, जिनकी उम्र सत्तर साल से ज्यादा है और जो पुरुष साथी के बगैर जाना चाहती हैं। उन्हें लकी ड्रॉ की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ा। समिति को हज यात्रा के लिए कुल 1,74,117 आवेदन मिले थे। हज नीति के अनुसार आवेदकों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए लकी ड्रॉ का प्रावधान है।
भारत से 1,75,025 हज यात्रियों का कोटा तय
इस साल भारत से कुल 1,75,025 हज यात्रियों का कोटा तय किया गया है। जिसमें हज समिति के जरिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 1,40,020 सीटें आरक्षित हैं। जबकि 35,005 हज यात्रियों को निजी ऑपरेटर के जरिए पवित्र मक्का शहर की यात्री की अनुमति दी जाएगी।
किस राज्य से कितनी महिलाएं जाएंगी
समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लियाकत अली अफाकी ने बताया कि बिना मेहरम के हज पर जाने वाली 5,162 महिलाओं में से 3,584 केरल, 378 तमिलनाडु, 249 कर्नाटक, 166 महाराष्ट्र, 141 उत्तर प्रदेश, 130 तेलंगाना, 82 जम्मू-कश्मीर 72 मध्य प्रदेश, 64 गुजरात, 50 दिल्ली, 44 आंध्र प्रदेश, 40 पश्चिम बंगाल, 33 राजस्थान, 30 बिहार, 29 असम, 19 पुड्डुचेरी, 14 छत्तीसगढ़, 10 उत्तराखंड, 9 झारखंड से हैं। इसके अलावा पांच-पांच गोवा और ओडिशा और लक्षद्वीप से दो व हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से एक-एक महिलाएं शामिल हैं।