फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   4th round of national serosurvey, ICMR DG Dr Balram Bhargava says, Antibody against corona could not be made in 40 crore population

चिंता: देश की 40 करोड़ आबादी को अब भी कोरोना से खतरा, दो तिहाई लोगों में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी

Tue, 20 Jul 2021 05:01 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 20 Jul 2021 05:01 PM IST
सार

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि राष्ट्रीय सीरो सर्वे का चौथा चरण संपन्न हो चुका है। इन चारों सर्वे से पता चला है कि देश की 40 करोड़ आबादी को अब भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा है, जबकि दो-तिहाई लोगों में इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई है।  

विज्ञापन
4th round of national serosurvey, ICMR DG Dr Balram Bhargava says, Antibody against corona could not be made in 40 crore population
डॉक्टर बलराम भार्गव - फोटो : पीटीआई

विस्तार

देश में कोरोना महामारी की स्थिति को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सीरो सर्वे का चौथा चरण संपन्न हो चुका है। इन चारों सर्वे से पता चला है कि देश की 40 करोड़ आबादी को अब भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा है, जबकि दो-तिहाई लोगों में इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई है।  

विज्ञापन


भार्गव ने कहा कि चौथा सीरो सर्वे 21 राज्यों के 70 जिलों में कराया गया। इनमें 6-17 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को भी शामिल किया गया था। इस दौरान हर जिले के 10 गांवों या वार्डों से 40 लोगों के सैम्पल लिए गए। हर जिले से 26 साल तक की आयु वाले 400 लोग इस सर्वे में शामिल हुए थे। वहीं, सर्वे में शामिल हर जिले और उप-जिले से 100 स्वास्थ्यकर्मियों का सैम्पल लिया गया। भार्गव ने कहा कि हमने 7252 हेल्थकेयर वर्कर्स पर भी अध्ययन किया। इनमें से 10  फीसदी ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी, उनमें ओवरऑल सीरोप्रिविलेंस 85.2 फीसदी पाया गया।
विज्ञापन


सीरोप्रिविलेंस पर दी जानकारी
इस सर्वे में पता चला कि संपूर्ण जनसंख्या में सीरोप्रिविलेंस 67.6 फीसदी है। इनमें से 6-9 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में, यह 57.2 फीसदी, 10-17 वर्षों में यह 61.6 फीसदी, 18-44 वर्षों में यह 66.7 फीसदी और 45-60 वर्ष के आयु वर्ग में 77.6 फीसदी था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


माध्यमिक विद्यालय खोलने से पहले प्राथमिक विद्यालय को खोलना बुद्धिमानी होगी
भार्गव ने कहा कि हम स्पष्ट रूप से जानते हैं कि बच्चे वयस्कों की तुलना में संक्रमण से अधिक क्षमता के साथ लड़ सकते हैं। वयस्कों की तरह बच्चों में भी एंटीबॉडी एक्सपोजर समान है। कुछ स्कैंडिनेवियाई देशों ने अपने प्राथमिक स्कूलों को कोरोना की किसी भी लहर के आने के बाद बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरे विचार से माध्यमिक विद्यालय खोलने से पहले प्राथमिक विद्यालय को खोलना बुद्धिमानी होगी। स्कूल बस चालक, शिक्षक और स्कूल के अन्य कर्मचारियों के सभी सहायक कर्मचारियों को टीकाकरण की आवश्यकता है।


जानिए क्या है सीरो सर्वे
इस सर्वे से यह पता लगाया गया कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है। कह सकते हैं कि कितने फीसदी लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है। सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी की मौजूदगी के साथ ही यह पता चल जाता है कि कौन सा शख्स इस वायरस से संक्रमित था और फिलहाल ठीक हो चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed