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Hindi News ›   India News ›   489 years old Babri controversy, know full story of ayodhya Ram mandir issue

489 साल पुराना है बाबरी विवाद, जानिए कब, कैसे और क्या हुआ?

Tue, 30 May 2017 03:04 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Tue, 30 May 2017 03:04 PM IST
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489 years old Babri controversy, know full story of ayodhya Ram mandir issue

अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराने के षड्यंत्र के मामले में बीजेपी नेता लाल कृष्ण अडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी समेत आरोपी नेता सीबीआई की विशेष अदालत पहुंचे। इन पर आरोप है कि ये 1992 में अयोध्या में बाबरी ढांचे को गिराने के षड्यंत्र में शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट ने विवादित ढांचा विध्वंस के मामले में 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने के लिए कहा था। लेकिन बाबरी का विवाद दशकों का नहीं बल्कि सैकड़ों साल पुराना है। जानिए आखिर कब से शुरू हुई बाबरी विवाद की कहानी।
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ये है इस विवाद की पूरी कहानी
1528: अयोध्या में बाबर ने एक ऐसी जगह मस्जिद का निर्माण कराया जिसे हिंदू राम जन्म भूमि मानते हैं।
1853: हिंदुओं का आरोप- मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई। पहला हिंदू-मुस्लिम संघर्ष हुआ।
1859: ब्रिटिश सरकार ने विवादित भूमि को बांटकर आंतरिक और बाहरी परिसर बनाए। 
1885: राम के नाम पर इस साल कानूनी लड़ाई शुरू हुई। महंत रघुबर दास ने राम मंदिर निर्माण के लिए इजाजत मांगी।
1949: 23 दिसंबर को लगभग 50 हिंदुओं ने मस्जिद के केंद्रीय स्थल में भगवान राम की मूर्ति रखी।
1950: 16 जनवरी को एक अपील में मूर्ति को विवादित स्थल से हटाने से न्यायिक रोक की मांग।
1950: 5 दिसंबर को मस्जिद को ढांचा नाम दिया गया और राममूर्ति रखने के लिए केस किया।
1959: 17 दिसंबर को निर्मोही अखाड़ा विवाद में कूदा, विवादित स्थल के लिए मुकदमा दायर।
1961: 18 दिसंबर को सुन्नी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मालिकाना हक के लिए केस किया।

ताले खोलने के लिए अभियान शुरू

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1984: विश्व हिंदू परिषद विशाल मंदिर निर्माण और मंदिर के ताले खोलने के लिए अभियान शुरू। 
1986: 1 फरवरी फैजावाद जिला अदालत ने विवादित स्थल में हिंदुओं को पूजा की अनुमति दे दी। 
1989: जून में भारतीय जनता पार्टी ने मंदिर आंदोलन में वीएचपी का समर्थन किया। 
1989: 1 जुलाई को मामले में पांचवा मुकदमा दाखिल हुआ।
1989: नवंबर 9 को बाबरी के नजदीक शिलान्यास की परमीशन दी गई। 
1990: 25 सितंबर को लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा की। जिसके बाद साम्प्रदायिक दंगे हुए।

6 दिसंबर को 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाई गई

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1990: नवंबर में आडवाणी गिरफ्तार। भाजपा ने वीपी सिंह की सरकार से समर्थन वापस ले लिया।
1991: अक्टूबर में कल्याण सिंह सरकार ने विवादित क्षेत्र को कब्जे में ले लिया।
1992: 6 दिसंबर को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहा दिया। एक अस्थाई मंदिर बनाया गया। 
1992: 16 दिसंबर को तोड़फोड़ की जांज के लिए एस.एस. लिब्रहान आयोग का गठन हुआ। 
2002:  तत्कालीन पीएम अटल बिहारी बाजपेई ने विवाद सुलझाने के लिए अयोध्या विभाग शुरू किया।
2002: अप्रैल में विवादित स्थल पर मालिकाना हक के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।

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मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष मिले

489 years old Babri controversy, know full story of ayodhya Ram mandir issue
babri mosque - फोटो : babri mosque

2003: मार्च से अगस्त में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित स्थल पर खुदाई हुई और मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष के प्रमाण मिले।
2003: सितंबर में सात हिंदू नेताओं को सुनवाई के लिए बुलाने का फैसला दिया गया।
2005: जुलाई में विवादित क्षेत्र पर इस्लामिक आतंकवादियों का हमला, पांच आतंकी मारे गए।
2009: जुलाई में पीएम मनमोहन सिंह को को लिब्रहान आयोग ने रिपोर्ट सौंपी।
2010: 28 सितंबर को विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की। 
2010: 30 सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मामले में ऐतिहासिक फैसला दिया। 
2017: 21 मार्च सुप्रीम कोर्ट ने मामले में मध्यस्थता की पेशकश की।

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