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Marriage: दिल्ली में हुई 50,000 शादियां, देश में होंगी 48 लाख शादियां, होगा 6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार

Tue, 12 Nov 2024 07:38 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 12 Nov 2024 07:38 PM IST
सार

Wedding Season:  विवाह के सीजन से व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त वृद्धि होगी। अगले एक महीने से अधिक समय तक दिल्ली तथा पूरे देश में गाजे बाजे की आवाज सुनाई देगी। दिल्ली एवं देश भर के विभिन्न राज्यों के मंदिरों एवं अन्य अनेक स्थानों पर तुलसी विवाह भी संपन्न हुए हैं।

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48 lakh weddings in November-December 2024 in country business worth Rs 6 lakh crore will happen
शादी का मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंगलवार को देवउठनी एकादशी के अवसर पर दिल्ली सहित देश भर में शादियों की धूम है। दिल्ली में देवउठनी एकादशी पर लगभग 50,000 शादियां हुई हैं। देश में अगले 18 दिन में 48 लाख शादियां होंगी। विवाह के सीजन में करीब 6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री और दिल्ली की चांदनी चौक सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया, देवउठनी एकादशी के दिन से लेकर 16 दिसंबर तक शादियों के सीजन का पहला चरण पूरा होगा। मंगलवार को शादियों के सीजन का पहला दिन है। यह सीजन 18 दिनों तक चलेगा। इस अवधि में पूरे देश में लगभग 48 लाख शादियां होने का अनुमान है। अगर दिल्ली की बात करें तो यह आंकड़ा 4.5 लाख शादियों का है। 
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खंडेलवाल के मुताबिक, विवाह के सीजन से व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त वृद्धि होगी। अगले एक महीने से अधिक समय तक दिल्ली तथा पूरे देश में गाजे बाजे की आवाज सुनाई देगी। दिल्ली एवं देश भर के विभिन्न राज्यों के मंदिरों एवं अन्य अनेक स्थानों पर तुलसी विवाह भी संपन्न हुए हैं। तुलसी का पौधा सीधा भगवान विष्णु से संबंधित होता है। देवउठनी एकादशी पर देशभर में भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह तुलसी माता से करवाया जाता है। इसे बहुत शुभ माना गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महामंत्री के अनुसार, देवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु चार माह की निद्रा के बाद जागते हैं। देव के उठने के बाद से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। इस दिन से शादियों के शुभ मुहूर्त भी शुरू होते हैं। शादी के सीजन में कपड़े, आभूषण, सजावट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, उपहार और खानपान जैसी विभिन्न श्रेणियों के व्यापार में बड़ी वृद्धि होती है। 
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वहीं बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के सेवा प्रदाताओं को भी बड़ा व्यापार मिलता है। बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर भी सृजित होते हैं। कैट के एक अनुमान के अनुसार, इस शादी के सीजन में व्यापार से लगभग 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा। देश के आर्थिक एवं सामाजिक ढांचे को मजबूत करेगा। खंडेलवाल ने कहा, यह सीधे तौर पर भारत की अर्थव्यवस्था में 'सनातन अर्थव्यवस्था' के महत्वपूर्ण प्रतिभाग को दर्शाता है। यह शादी का सीजन न केवल व्यापारियों के लिए, बल्कि अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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कैट के महामंत्री ने बताया, यह सीजन सभी व्यापारियों और लोगों के लिए सुखद एवं समृद्धि लाने वाला होगा। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कहा, शादी के सीजन में कारोबार की अच्छी संभावनाओं को देखते हुए देशभर के व्यापारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। ग्राहकों की संभावित भीड़ को देखते हुए व्यापारी अपने यहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवाह का लगभग 20 प्रतिशत खर्च दूल्हा-दुल्हन पक्ष को जाता है, जबकि 80 प्रतिशत खर्च विवाह संपन्न कराने में काम करने वाली अन्य तीसरी एजेंसियों को जाता है। ऐसे में शादियों के सीजन में की गई ख़रीदी व्यापार में वित्तीय तरलता बनाए रखती है। 
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