महाराष्ट्रः राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 400 करोड़ का घोटाला, फडणवीस ने की जांच की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र में केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में चार सौ करोड़ रुपए घोटाले का मामला सामने आया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया है कि एनएचएम में नौकरी के नाम पर 400 करोड़ का घोटाला हुआ है जिसकी जांच होनी चाहिए। फडणवीस ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भी लिखा है।
फडणवीस ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन केंद्र सरकार की योजना है। लेकिन राज्य सरकार इसका क्रियान्वयन करती है। कर्मचारियों की नियुक्ति भी राज्य सरकार ही करती है। एनएचएम में संविदा कर्मचारियों को स्थाई करने के नाम पर राज्यभर में गोऱखधंधा शुरु हुआ है।
इसकी पुष्टि के लिए फडणवीस ने मुख्यमंत्री ठाकरे को एक ऑडियो क्लिप भी भेजा है। विपक्ष के नेता का आरोप है कि राज्य में करीब 20 हजार ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनको स्थाई करने के लिए एक से ढाई लाख रुपए लिए जा रहे हैं। यह सब किसकी कृपा से हो रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। स्थाई नौकरी के लिए 400 करोड़ का कारोबार होना गंभीर मामला है।
तो कोरोना काल में कितने घोटाले हुए?
फडणवीस ने सवाल किया कि केवल एक अभियान में नौकरी स्थाई करने के नाम पर 400 करोड़ रुपयों का वारा-न्यारा हो रहा है, तो कोरोना काल में मेडिकल क्षेत्र में कितने घोटाले हुए होंगे इसकी कल्पना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों से प्रत्यक्ष तौर पर 1 रुपए का सहमति पत्र और 500 रुपए निधि संकलित की जा रही है।
वहीं, आवेदन पर हस्ताक्षर के साथ 1 से 2 लाख की नकद रकम (500 और 2000 के नोट) लिफाफे में रख कर अलग से देने के लिए कहा जा रहा है। कई लोगों ने इसके लिए कर्ज भी लिए हैं। इतना ही नहीं, उनसे बैंक से पैसे निकाल कर तैयार रखने के लिए कहा जा रहा है।