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आतंक के खिलाफ जंग के लिए J&K में तैनात 40 जवानों को मिला गैलेंट्री अवॉर्ड
amarujala.com- Presented By: त्रिनाथ त्रिपाठी
Updated Tue, 15 Aug 2017 10:59 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
जम्मू-कश्मीर में आतंक और आतंकवादियों के खिलाफ जंग लड़ रहे जवानों की हौसला अफजाई के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने J&K में तैनात सुरक्षाबल के जवानों को सबसे अधिक पुलिस गैलेंट्री अवॉर्ड दिया है। बता दें कि 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 190 में से 40 पुलिस वीरता पदक घाटी में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ जवानों को दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न प्रदेशों के 990 पुलिस वालों और केंद्रीय बलों के जवानों को इस साल पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया।
सीआरपीएफ के जवान सबसे आगे
इस साल पुलिस मेडल हासिल करने वालों में सबसे आगे सीआरपीएफ के जवान रहे, जिन्हें सबसे अधिक 53 मेडल मिला। तो वहीं 52 मेडल के साथ आंध्र प्रदेश पुलिस दूसरे और 25 मेडल के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस तीसरे नंबर पर रहा।
पढ़ें: खेल रत्न से सम्मानित होने वाले देवेंद्र झाझरिया के बारे में दस रोचक बातें
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आपको बता दें कि वीरता मेडल से इस साल कुल 190 जवानों को सम्मानित किया गया है। जिनमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन में लगे 142 जवान और नॉर्थ ईस्ट में एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन में तैनात सात जवान शामिल हैं।
81 पदक के साथ पहले स्थान पर रही यूपी पुलिस
प्रदेश पुलिस की बात करें तो इसमें 81 पदक के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस सबसे आगे है। इसके बाद 67 पदक के साथ आंध्र प्रदेश पुलिस दूसरे, 56 पदक के साथ महाराष्ट्र पुलिस तीसरे और 44 पदक के साथ J&K पुलिस चौथे नंबर पर है।
पढ़ें: कोकरन हेंसन पुरस्कार से सम्मानित हुए युवा वैज्ञानिक डॉ. गिरीश
केंद्र की पैरा मिलिट्री फोर्सेज की बात करें तो इसमें 121 मेडल्स के साथ सीआरपीएफ सबसे आगे है। इसके बाद 67 मेडल्स के साथ बीएसएफ दूसरे नंबर पर, 25 मेडल्स के साथ सीआईएसएफ तीसरे और 16-16 मेडल्स के साथ आईटीबीपी व असम राइफल्स चौथे नंबर पर है।
5 IPS ऑफिसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात
इसके साथ ही इस साल 6 ऐसे आईपीएस ऑफिसर्स को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है, जिनमें से 5 ऑफिसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
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सीआरपीएफ के जवान सबसे आगे
इस साल पुलिस मेडल हासिल करने वालों में सबसे आगे सीआरपीएफ के जवान रहे, जिन्हें सबसे अधिक 53 मेडल मिला। तो वहीं 52 मेडल के साथ आंध्र प्रदेश पुलिस दूसरे और 25 मेडल के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस तीसरे नंबर पर रहा।
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आपको बता दें कि वीरता मेडल से इस साल कुल 190 जवानों को सम्मानित किया गया है। जिनमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन में लगे 142 जवान और नॉर्थ ईस्ट में एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन में तैनात सात जवान शामिल हैं।
81 पदक के साथ पहले स्थान पर रही यूपी पुलिस
प्रदेश पुलिस की बात करें तो इसमें 81 पदक के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस सबसे आगे है। इसके बाद 67 पदक के साथ आंध्र प्रदेश पुलिस दूसरे, 56 पदक के साथ महाराष्ट्र पुलिस तीसरे और 44 पदक के साथ J&K पुलिस चौथे नंबर पर है।
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केंद्र की पैरा मिलिट्री फोर्सेज की बात करें तो इसमें 121 मेडल्स के साथ सीआरपीएफ सबसे आगे है। इसके बाद 67 मेडल्स के साथ बीएसएफ दूसरे नंबर पर, 25 मेडल्स के साथ सीआईएसएफ तीसरे और 16-16 मेडल्स के साथ आईटीबीपी व असम राइफल्स चौथे नंबर पर है।
5 IPS ऑफिसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात
इसके साथ ही इस साल 6 ऐसे आईपीएस ऑफिसर्स को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है, जिनमें से 5 ऑफिसर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
इन 17 जवानों को मिला शौर्य चक्र
शौर्य चक्र
- मेजर सतीश दहिया, 30 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
- मेजर गोसावी के. मुन्नागिर, 166 एमईडी रेजीमेंट (मरणोपरांत)
- सूबेदार शब्बीर अहमद, 17 जैक राइफल
- नायब सूबेदार सुरेंद्र सिंह, 4 पैरा (एसएफ)
- नायक चंद्र सिंह, 13 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
- लांस नायक रघुवीर सिंह, 1 राष्ट्रीय रायफल (मरणोपरांत)
- लांस नायक कश्मीर सिंह, जैक राइफल
- लांस नायक बी जी मुनीमसिंह, 1 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
- सिपाही वेंकटराव अबोतुला, 8 मद्रास
- सिपाही आरिफ खान, 55 राष्ट्रीय राइफल
- कांस्टेबल मंजूर अहमद नाइक, 42 राष्ट्रीय राइफल (मरणोपरांत)
- लांस नायक दीपक एले, 3 गोरखा राइफल
- गनर ऋषि कुमार रे, आर्टिलरी/155 फील्ड रेजीमेंट
- चंदन कुमार, असिसटेंट कमांडेंट, सीआरपीएफ
- कांस्टेबल, अमरनाथ मिश्रा, सीआरपीएफ
- कांस्टेबल एमएचए पी त्रिनध राव, असिसटेंट असॉल्ट कमांडर, आंध्र प्रदेश
- जीवी रामचंद्र राव, सीनियर कमांडो (5966), आंध्र प्रदेश