{"_id":"5c60b261bdec2273a0325c90","slug":"4-chinook-helicopters-arrived-in-india-to-join-indian-air-force","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायुसेना में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे 4 चिनूक हेलीकॉप्टर, जानिए इसकी खासियत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
वायुसेना में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे 4 चिनूक हेलीकॉप्टर, जानिए इसकी खासियत
Mon, 11 Feb 2019 04:53 AM IST
Prabudhh Jain
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Mon, 11 Feb 2019 04:53 AM IST
विज्ञापन
Chinook helicopters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने रविवार को भारतीय वायुसेना के लिए प्रथम चार सीएच-47एफ (आई) मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर के गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की घोषणा की है। बोइंग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सीएच-47 एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ भेजा जाएगा, जहां इन्हें औपचारिक रूप से इस साल के अंत में भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बयान में आगे कहा गया है, ‘सीएच-47 एफ (आई) चिनूक एक उन्नत मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को लड़ाकू और मानवीय मिशनों के पूरे स्पेक्ट्रम में बेजोड़ सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता प्रदान करेगा।’
विज्ञापन
सितंबर 2015 में भारत के बोइंग और अमेरिकी सरकार के बीच 15 चिनूक हेलीकॉप्टर्स खरीदने के लिए करार किया गया था। अगस्त 2017 में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय सेना के लिए अमेरिकी कंपनी बोइंग से 4168 करोड़ रुपये की लागत से छह अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, 15 चिनूक भारी मालवाहक हेलीकॉप्टर अन्य हथियार प्रणाली खरीदने के लिए मंजूरी प्रदान की थी।
इसकी खासियत है तेज गति
- पहले चिनूक ने 1962 में उड़ान भरी थी। यह एक मल्टीमिशन श्रेणी का हेलीकॉप्टर है।
- चिनूक हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना की खास ताकत है। इसी चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा था। वियतनाम से लेकर इराक के युद्धों तक शामिल चिनूक दो रोटर वाला हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है।
- भारत ने जिस चिनूक को खरीदा है, उसका नाम है CH-47 एफ है।
- यह 9.6 टन वजन उठा सकता है, जिससे भारी मशीनरी, तोप और बख्तरबंद गाड़ियां लाने-ले जाने में सक्षम है।
- यह एक मल्टीमिशन श्रेणी का हेलीकॉप्टर है।
- इससे पहले अमेरिका के फिलाडेल्फिया में बोइंग ने इसी हफ्ते भारत को पहले चिनूक हेलिकॉप्टर की खेप आधिकारिक रूप से सौंप दी थी।
- डील के मुताबिक, इस साल के अंत तक भारत को सभी अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर मिल जाएंगे। इससे वायुसेना की ताकत में काफी इजाफा होगा।
- बोइंग के मुताबिक, अपाचे दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू हेलिकॉप्टर माने जाते हैं। वहीं, चिनूक हेलिकॉप्टर बहुत ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।
- चिनूक भारी-भरकम सामान को भी काफी ऊंचाई पर आसानी से पहुंचा सकता है। अमेरिकी सेना लंबे वक्त से अपाचे और चिनूक का इस्तेमाल कर रही है।
- भारत अपाचे का इस्तेमाल करने वाला 14वां और चिनूक को इस्तेमाल करने वाला 19वां देश होगा।
- बोइंग ने 2018 में वायुसेना के पायलटों और फ्लाइट इंजीनियरों को चिनूक हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग भी दी थी।