{"_id":"67787c1104e3d9638404e5e8","slug":"39-transgender-traffic-assistant-posts-posted-in-hyderabad-appointment-done-on-pilot-project-basis-2025-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहल: 39 ट्रांसजेंडरों की बदली जिंदगी, कभी जहां मांगते थे भीख आज वहां संभाल रहे ट्रैफिक प्रबंधन का जिम्मा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पहल: 39 ट्रांसजेंडरों की बदली जिंदगी, कभी जहां मांगते थे भीख आज वहां संभाल रहे ट्रैफिक प्रबंधन का जिम्मा
Sat, 04 Jan 2025 05:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, हैदराबाद
एजेंसी, हैदराबाद
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 04 Jan 2025 05:38 AM IST
सार
फिलहाल इन ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर हुई है, लेकिन अब शहरवासी उन्हें पूरा सम्मान देते हैं। शहर के पटनी सेंटर पर तैनात इनमें से एक निशा कहती हैं कि यह काफी हैरान करने वाला है कि जिस जगह हम भीख मांगा करते थे, अब वहां हम यातायात का प्रबंधन कर रहे हैं।
विज्ञापन
यातायात नियमों का प्रशिक्षण लेते ट्रांसजेंडर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जहां लोगों की नफरत भरी नजरों का सामना किया हो, उसी जगह जब वही लोग आपको इज्जत दें तो कैसा एहसास होता है, ये कोई हैदराबाद में यातायात सहायक पद पर तैनात 39 ट्रांसजेंडरों से पूछे। ये कभी इसी शहर की सड़कों और यातायात चौराहों पर भीख मांगा करते थे। लोगों के तंज, तानों और बेइज्जती सहा करते थे, लेकिन आज यातायात प्रबंधन में शहर पुलिस की मदद कर रहे हैं।
विज्ञापन
फिलहाल इन ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर हुई है, लेकिन अब शहरवासी उन्हें पूरा सम्मान देते हैं। शहर के पटनी सेंटर पर तैनात इनमें से एक निशा कहती हैं कि यह काफी हैरान करने वाला है कि जिस जगह हम भीख मांगा करते थे, अब वहां हम यातायात का प्रबंधन कर रहे हैं। वह अपने समुदाय को यह मौका देने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को शुक्रिया कहती हैं। इंटरमीडिएट तक पढ़ीं निशा उस दौर को याद कर आज भी सिहर उठती हैं जब समाज उनसे भेदभाव करता था। कॉलेज में दोस्तों और यहां तक कि उनके खुद के माता-पिता ने भी उन्हें हीन नजरों से देखा। एक अन्य ट्रांसजेंडर यातायात सहायक सना कहती हैं कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि अब उन्हें लोग इज्जत देते हैं, जबकि पहले यही लोग उनसे बात करने में भी झिझकते थे।
विज्ञापन
बीते साल सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र
बीते साल नवंबर में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सीएम रेड्डी ने अधिकारियों से शहर के भारी यातायात वाले क्षेत्रों में ट्रांसजेंडरों को यातायात स्वयंसेवक के तौर पर तैनात करने को कहा। सीएम ने यातायात उल्लंघन रोकने के लिए ट्रांसजेंडरों की सेवाओं का इस्तेमाल यातायात सिग्नल पर होमगार्ड की तरह करने के लिए कहा था। इसके साथ ही यह भी कहा था कि ट्रांसजेंडरों के लिए एक खास ड्रेस कोड भी हो और होमगार्ड की तर्ज पर उन्हें वेतन भी दिया जाए। सीएम ने बीते 6 दिसंबर को ट्रांसजेंडरों नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही उन्हें 22 दिसंबर को औपचारिक रूप से यातायात सहायक के रूप में शामिल कर लिया गया।
विज्ञापन
कर रहे हैं बेहतर काम
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) पी विश्व प्रसाद के मुताबिक, ट्रांसजेंडर यातायात सहायक के तौर पर बेहतर काम कर रहे हैं। करीब 10 दिन पहले उन्हें यातायात प्रबंधन में शामिल किए जाने के बाद से कोई शिकायत या असामान्य बात नहीं हुई है। हालांकि उन्हें पेशेवर कौशल हासिल करने में कुछ वक्त लगेगा।
100 ट्रांसजेंडरों ने किया था आवेदन
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सीवी आनंद के मुताबिक, सरकार के ट्रांसजेंडरों को यातायात सहायक के रूप में शामिल करने के आदेश के बाद लगभग 100 ट्रांसजेंडरों ने पदों के लिए आवेदन किया था। इनमें से 44 को शारीरिक जांच सहित चयन प्रक्रिया के बाद शॉर्टलिस्ट किया गया और 39 ने कामयाबी के साथ प्रशिक्षण पूरा किया।