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Heat Wave: लू से रोज 39 लोग पहुंचे थे अस्पताल, दो दिन में 1 मौत, अप्रैल-जून तक रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से 79 की मौत

Fri, 22 Jul 2022 06:01 AM IST
योगेश साहू परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 22 Jul 2022 06:01 AM IST
सार

कोट्टायम स्थित इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज के डी शिवानंद पाई ने कहा, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में 21 दिन तक गंभीर लू दर्ज की गई। उन्होंने कहा, इस साल लू का असर 11 मार्च से शुरू हुआ था जिसने कुछ दिन में 15 राज्यों को अपनी चपेट में लिया।

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39 people reached hospital daily In summer season, one death in two days, 79 died from April to June
गर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस साल स्पेन, इंग्लैंड भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं जबकि भारत ने बीते महीनों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेली है। इस साल लू की वजह से 90 दिन में रोजाना 39 लोग बीमार पड़े और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। हर दूसरे दिन लू की वजह से एक मरीज की मौत भी हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस साल अप्रैल से लेकर जून माह के बीच पड़ी भीषण गर्मी के स्वास्थ्य पर असर को लेकर पहली रिपोर्ट तैयार की है।

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दरअसल जब किसी स्थान पर किसी खास दिन वहां के सामान्य तापमान से 4.5- 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान होता है तो मौसम विभाग वहां लू की घोषणा करता है। अगर यहां तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है तो इसे ‘गंभीर’ लू घोषित किया जाता है।
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रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच 3460 लोग लू से बीमार पड़े। उन्हें अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा। इसी बीच 79 लोगों की मौत भी हुई। इनमें से 23 मरीजों की मौत में लू एक सीधा कारण है जबकि 54 मौत लू से अन्य बीमारियां बिगड़ने से मरीजों की मौत हुई। सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. धीरेन बताते हैं, भीषण गर्मी या फिर लू से लोग कई तरह से प्रभावित होते हैं इसलिए सीधे तौर पर यह कह पाना कि इस साल इतने लोगों को गर्मी से परेशानी हुई, यह मुश्किल है।
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कोट्टायम स्थित इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज के डी शिवानंद पाई ने कहा, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में 21 दिन तक गंभीर लू दर्ज की गई। उन्होंने कहा, इस साल लू का असर 11 मार्च से शुरू हुआ था जिसने कुछ दिन में 15 राज्यों को अपनी चपेट में लिया। राजस्थान और मध्य प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुए। जहां 25 दिन तक भीषण गर्मी का सामना किया।


दो तरह से गर्मी का सेहत पर असर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के वरिष्ठ डॉ. अरविंद कुमार ने कहा, अपने देश में गर्मी जैसी मौसम संबंधी स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर समझ अभी भी कमजोर है। स्वास्थ्य पर भीषण गर्मी या फिर लू का असर दो तरह से दिखता है। एक जो सीधे व्यक्ति को प्रभावित करता है और वह बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचता है जबकि दूसरा वह जिसमें पहले से मौजूद बीमारी गर्मी की वजह से बढ़ जाती है और उसकी तबीयत बिगड़ने लगती है।

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